रीवा

REWA में डॉक्टरों को भी कोरोना का भय.... ओपीडी, वार्ड में चिकित्सक, मरीज-तीमारदारों के चेहरे पर चढ़ा मास्क

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:44 AM IST
REWA में डॉक्टरों को भी कोरोना का भय.... ओपीडी, वार्ड में चिकित्सक, मरीज-तीमारदारों के चेहरे पर चढ़ा मास्क
x
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat

रीवा. विदेशी शहरों से आने वालों पर जिला प्रशासन की पैनी नजर है। जिले में कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस अभी तक सामने नहीं आए हैं। इसके बावजूद कोरोना का भय इस कदर बढ़ रहा है कि गुरुवार को जिले के सरकारी गैर सरकारी अस्प्तालों की ओपीडी, वार्ड और परिसर में डॉक्टर, मरीज और तीमारदारों के चेहरे पर मास्क चढ़ा नजर आया। अस्पतालों में सुरक्षा कर्मी भी मास्क लगाए हुए थे। गेट पर घुसने वालों पर भी नजर रखी जा रही थी।

एसजीएमएच में चिकित्सकों ने किया मंथन एसजीएमच में अधीक्षक डॉ. पीके लखटकिया कलेक्ट्रेट में टॉस्क फोर्स की बैठक में शामिल होने से पहले मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज इंदुलकर सहित अन्य चिकित्सकों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा वार्ड में व्यवस्था के साथ ही अस्पताल में बाहर से आने-जाने वालों पर नजर रखी जाए। इस दौरान भर्ती मरीजों की सुरक्षा से लेकर परिसर में आने जाने वाले संदिग्ध लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।

जिला अस्पताल में चिह्ंित चिकित्सक गायब जिला अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में टीम में शामिल चिकित्सक गुरुवार दोपहर मौजूद नहीं रहे। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में निगरानी के लिए रखे गए एक व्यक्ति के आलवा कोई मौजूद नहीं रहा।

जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक बुलाई। उन्होंने कहा विदेश व अन्य बड़े शहरों से आने वाले लोगों को आइसोलेशन में रखा जाए। चिकित्सकीय स्टाफ को मास्क, पीपी किट आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। कलेक्ट बसंत कुर्रे ने कहा कि बाहर से आने वाले नागरिकों का परीक्षण करें और 14 दिन तक देखरेख में रखें। कोरोना से बचाव के लिए जनता के बीच कार्यशालाएं व उन्हें जागरुक करें। अभियान में पुलिस, शिक्षा विभाग एवं समस्त विभागों को जोड़ा जाए। मैदानी अमले को प्रशिक्षण देकर बचाव अभियान चलाए जाए।

इन लक्षणों पर नजर सीएमएचओ आरएस पाण्डेय ने कोरोना के लक्षण बताए। उन्होंने बताए निमोनिया जैसे होते हैं। प्रभावित को जुखाम, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, खॉसी, बुखार के अलावा गुर्दे खराब होना जैसे लक्षण हैं। हवा के माध्यम से वायरस फैलता है। प्रभावित बीमार से हाथ न मिलाए उससे 6 फीट की दूरी रखें। हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं। बिना हाथ धोएं अपनी आखों, नाक व मुह को न छुए। खंासते और छिकते वक्त डिस्प्रोजेबल टिशू का उपयोग करें। टिशू नहीं है तो छिकते और खासते वक्त अपने बाजू का इस्तेमाल करें। सर्दी या फ्लू से संक्रमित लोगों के पास जाने से बचें।

Next Story