रीवा

REWA में किसानो ने शुरू की खरीफ़ फसल की बोवनी, पढ़िए पूरी खबर

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:56 AM IST
REWA में किसानो ने शुरू की खरीफ़ फसल की बोवनी, पढ़िए पूरी खबर
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REWA में किसानो ने शुरू की खरीफ़ फसल की बोवनी, पढ़िए पूरी खबर REWA। किसानों ने खरीफ़ फसल की बोनी शुरू कर दी है।  कृषि विभाग की

REWA में किसानो ने शुरू की खरीफ़ फसल की बोवनी, पढ़िए पूरी खबर

REWA। किसानों ने खरीफ़ फसल की बोनी शुरू कर दी है। कृषि विभाग की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक इस वर्ष बीज का टारगेट 42560 कुंटल रखा गया है ।जिसमे से 42459.8 बितरण किया गया है।

खरीफ़ बोनी का लक्ष्य

कृषि विभाग के आंकड़े के मुताबिक 360.46 लाख हेक्टेयर का टारगेट रखा गया है। अभी तक कुल 234.8765% बोनी की जा चुकी है।

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यूरिया खाद का टारगेट

कृषि विभाग के आधिकारिक आकड़े मुताबिक यूरिया खाद का लक्ष्य 17,300 मैट्रिक टन है। अभी तक वितरण 1424.51 मैट्रिक टन किया गया है। 4146 मैट्रिक टन शेष बचा है।

डीएपी का लक्ष्य

इस वर्ष डीएपी खाद का लक्ष्य 12,000 मेट्रिकटन का है। जिसमें से 19869 टन बिक चुका है। 31सीट में नमूने लिए गए थे। जिसमें से 125 का रिजल्ट आया उसमे से 2 नमूने अमानक पाए गए
कृषि विभाग के अधिकारी ने कहा कि रबी फ़सल के 131 सीट के नमूने लिए गए थे जिसमें से अभी तक मे 125 का रिजल्ट आया है। उसमें से 2 नमूने अमानक पाए गए है। जिसमें बिक्रय प्रतिबंध लगा कर कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। 15 दिन के अंदर कारण बताना होगा। हफ़्ते भर हुए हैं। संतोस जनक उत्तर प्राप्त न होने पर कार्यवाही की जाएगी।।
86 सेंपल उर्बरक निजी एवम सहकारिता प्रतिष्ठानों से लिये गए हैं ।जिसमें से 20 का रिजल्ट प्राप्त हुआ है। सभी मानक पाए गए हैं। पेस्टीसाइड के 7 नमूने भेजे गए हैं।जिसमे से चार के रिजल्ट प्राप्त हुए जो मानक हैं।
[रीवा से रिपोर्टर विपिन तिवारी ] ---------------------------------------------------------------------

बांस के पौधे पर अब मिलेगी सब्सिडी

रीवा बारिश का मौसम आते ही किसान पेड़ -पौधे लगाने के लिए वन अनुसंधान (नर्सरी) की दौड़ लगाते हैं। बारिश के मौसम में पेड़ लगाए जाते हैं।
वन अनुसंधान की ओर से प्राप्त आकड़े के मुताबिक इस वर्ष 58 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है जिसमे से अभी तक 50 लाख पौधे प्रदय किया गया है।

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बांस के पौधे लागने पर सब्सिडी का देना का प्रावधान किया गया है। सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उपरांत जीवित पौधे पर कुल 56 %का अनुदान दिया जाएगा।यह अनुदान तीन साल तक पेड़ जीवित रहने पर दिया जाएगा।।

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