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भूलकर भी रीवा के इस खूबसूरत वॉटरफॉल में न करें प्रवेश, पड़ सकता है महंगा

रीवा. वन परिक्षेत्र सिरमौर स्थित टोंस वाटरफॉल (Tons Waterfall) को पर्यटकों के लिये अब पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. विभाग द्वारा इसे बंद किये जाने के बावजूद पर्यटक अन्य रास्तों से वाटर फाल में प्रवेश कर जाते थे. लेकिन अब टोंस वाटरफॉल के अंदर पाये जाने पर न सिर्फ जुर्माना वसूला जायेगा, बल्कि संबंधित के विरूद्ध FIR भी दर्ज की जायेगी. दरअसल टोंस वाटरफॉल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है. इसके अंदर जाने पर हादसे की संभावना बनी रहती है.
गौरतलब है कि अक्टूबर 2020 में टोंस वाटरफॉल की रेलिंग और सीढियां क्षतिग्रस्त हो गई थी. जिस पर वन विभाग ने वाटरफॉल को पर्यटकों के लिये प्रतिबंधित कर वहां वन कर्मियों की तैनाती कर दी थी लेकिन इसके बावजूद काफी संख्या में पर्यटक यहां आते रहे और चोरी छिपे वाटरफॉल के अंदर पहुंचते रहे वन कर्मियों और पर्यटकों के बीच इस बात को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति भी बनती रही.
सीढ़ियां-रेलिंग क्षतिग्रस्त, हादसे की संभावना
बताया गया है कि अभी हाल में सिरमौर एसडीएम भारती मरावी ने टोंस वाटरफॉल का निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने पाया कि वाटर फॉल में लोग आ रहे हैं. रेलिंग और सीडियों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण यहां आने वाले लोगों के साथ हादसे की संभावना भी काफी अधिक है. जिस पर एसडीएम ने वन परिक्षेत्राधिकारी सिरमौर को इस वाटरफॉल को पूरी तरह प्रतिबंधित किये जाने के निर्देश दिये.
वाटरफॉल में प्रवेश किया तो जुर्माना और FIR होगी
एसडीएम ने कहा कि ने यदि कोई भी इस वाटरफॉल के अंदर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करता है तो उससे न सिर्फ जुर्माना वसूला जाये, बल्कि उसके विरूद्ध पुलिस थाने में एफआई आर भी दर्ज कराई जाये.
विभाग को लाखों का नुकसान
टोंस वाटरफॉल के बंद होने से वन विभाग को लाखों रूपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. पूर्व में जब यह वाटर फॉल पर्यटकों के लिये खुला था तो प्रतिदिन एक सैकड़ा से ज्यादा लोग यहां पहुंचते थे. अवकाश के दिनों में यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या एक हजार के नजदीक पहुंच जाती थी. इन पर्यटकों के आने से वन विभाग को राजस्व के रूप में काफी राशि मिलती थी.
सिर्फ एक कर्मचारी की तैनाती
टोंस वाटरफॉल की सुरक्षा में मौजूदा समय में सिर्फ एक वनकर्मी की ही तैनाती है. जो अगले माह सेवानिवृत्त हो रहा है. यहां तीन वनकर्मियों को जरूरत है. पहले यहां तीन वनकर्मी थे. जिसमें से दो सेवानिवृत्त हो गये. अब सिर्फ एक बचा है वह भी अगले माह सेवानिवृत्त हो जायेगा.
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




