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Coronavirus: बैंकॉक से रीवा लौटे 8 शहरवासी, आइसोलेशन वार्ड में नहीं कराए गए भर्ती
रीवा। कोरोना वायरस (Coronavirus Rewa News) को लेकर सरकार भले ही गंभीर हो और उसके द्वारा निंरतर एडवायजरी जारी की जा रही हो लेकिन जिले का स्वास्थ्य महकमा इस बात को लेकर गंभीर नहीं है। थाईलैंड की राजधानी बैंकाक से आये रीवा शहरवासी विगत 4 मार्च को रीवा पहुचे। लेकिन स्वास्थ्य महकमे ने इन लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती करने की आवश्कता महसूस नहीं की जिसे गंभीर लापरवाही मानी जानी चाहिए।
ज्ञात हो कि कोरोना वायरस का संक्रमण चीन से ही शुरू हुआ है जहाँ लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे संक्रमित देश से आने वाले लोगों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती न किया जाना स्वास्थ्य महकमे की बड़ी चूक है।
मिली जानकारी के अनुसार बीते थाईलैंड की राजधानी बैंकाक घूमने गये 8 शहरवासी विगत 4 मार्च को रीवा वापस आये। जानकारी मिलते ही सीएमएचओ सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुची। परीक्षण करने में उनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण देखने को नहीं मिले, जिसके चलते उन्हें घर में ही रहने एवं आवश्यक दवाइयां लेने के निर्देश स्वास्थ्य महकमें द्वारा दिये गये हैं। लेकिन उन्हें अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती न किया जाना गंभीर लापरवाही है। वहीं 8 लोगों में से दो के बारे में किसी प्रकार की जानकारी भी नहीं मिल पाई है जिसके चलते स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।
हालाकि प्रशासनिक अमले द्वारा उन दो लोगों के बारे में पतासाजी की जा रही है। लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी जानकारी नहीं मिल पाई थी। स्वास्थ्य महकमे की चूक नियमानुसार भारत से बाहर अन्य किसी देश से आने वाले हर व्यक्ति पर स्वास्थ्य अमले को निगरानी रखने के निर्देश हैं। यहां तक कि उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करने एवं जांच रिपोर्ट आने कुल 14 दिनों तक अस्पताल में रखने के स्पष्ट निर्देश हैं लेकिन बैंकॉक से आये शहरवासियों को जिले के स्वास्थ्य अमले द्वारा अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया है। इसे स्वास्थ्य महकमे की बड़ी चूक मानी जा सकती है। यदि इसमें थोडी भी लापरवाही हुई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ज्ञात हो कि बैंकाक से चलकर इंडिया पहुचते ही इनके बारे में सूचना जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस पाण्डेय को दी गई साथ ही इनका स्वास्थ्य परीक्षण करने एवं इन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखने के निर्देश भी दिये गए। हालाकि सीएमएचओ के निर्देशन में स्वास्थ्य महकमे की टीम ने बैंकाक से आये लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण तो किया लेकिन उन्हें भर्ती नहीं किया जिससे गंभीर लापरवाही मानी जानी चाहिए।
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