रीवा

Coronavirus : अगर REWA में हुए इटली जैसे हालात तो क्या है तैयारी ? जरूर पढ़िए !

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:47 AM IST
Coronavirus : अगर REWA में हुए इटली जैसे हालात तो क्या है तैयारी ? जरूर पढ़िए !
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रीवा :  43 नर्सिंग होम संचालित जिले भर में कुल 43 प्राइवेट नर्सिंंग होम संचालित हैं जिसमें 3 चाकघाट में जबकि 40 शहर में हैं,

रीवा : 43 नर्सिंग होम संचालित जिले भर में कुल 43 प्राइवेट नर्सिंंग होम संचालित हैं जिसमें 3 चाकघाट में जबकि 40 शहर में हैं, लेकिन अधिकांश में उपचार के लिए न तो सुविधाएं हैं और न ही उचित इंतजाम, ऐसे में इलाज कैसे मिलेगा? यह एक बड़ा सवाल है।

समय पर उपचार नहीं मिल पाने की वजह से आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। निर्धारित हुई गाइड लाइन जानकारी के अनुसार सोमवार को कलेटर की अध्यक्षता में आयोजित की गई बैठक में प्रायवेट नर्सिग होम संचालकों के लिए गाइड लाइन निर्धारित की गई है।

जिसमें सभी संचालकों को अस्पतालों में साफ-सफाई एवं उपचार के सभी संसाधन उपलब्ध होने के निर्देश दिये गए हैं। साथ ही प्रत्येक प्रायवेट अस्पताल में 10 बेड अतिरिक्त खाली करा कर रखें, जिससे मरीजों का उपचार आपातकालीन स्थिति में कराया जा सके। मरीजों के उपचार के लिए सभी सुविधायें प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।

प्रायवेट अस्पतालों में बनेंगे आईसोलेशन वार्ड गाइड लाइन में कहा गया है कि प्रायवेट अस्पतालों में इमरजेंसी के लिए आईसोलेशन वार्ड तैयार किए जाने के निर्देश दिये गए हैं ताकि आपातकालीन स्थिति में इनका प्रयोग किया जा सके।

बता दें कि वर्तमान समय में संजय गांधी अस्पताल में 16 एवं जिला चिकित्सालय में 10 बिस्तरों का आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा जिले के तहसील मुख्यालयों में इससे निपटने के लिए आईसोलेशन के 1-1 वार्ड तैयार किए गए हैं। इन बिन्दुओं पर हुई चर्चा बैठक के दौरान प्रायवेट अस्पताल संचालकों को पीपीई बैग उपलब्ध कराने की बात कही गई है वहीं जल्द से जल्द वेंटिलेटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 10 बेड 24 घंटे आपातकालीन स्थिति में आरक्षित रखने की सहमति प्रशासन के द्वारा ली गई है।

किसी भी निजी लैब को जांच का अधिकार नहीं बता दें कि पहले पुणे में इसकी जांच होती थी अब जबलपुर में भी जांच शुरू हो गई है। कानून के तहत किसी भी निजी लैब को कोरोना वायरस की जांच का अधिकार नहीं दिया गया है। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के जांच सैंपल को सिविल सर्जन द्वारा अधिकृत नोडल अधिकारी द्वारा एकत्र किया जाएगा और इसकी जानकारी संबंधित जिले के सीएमएचओ व सिविल सर्जन को तत्काल देनी होगी। कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा से लौटने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा जांच के लिए सीधे टोल फ्री नंबर-104 से जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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