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रीवा जिले में 14 स्थानों पर लग रहे हैं कोरोना के टीके

रीवा जिले में 14 स्थानों पर लग रहे हैं कोरोना के टीके
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रीवा जिले में कोरोना टीकाकरण का तीसरा चरण एक मार्च से शुरू हो गया है। इस चरण में 60 साल से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों तथा 45 से 59 साल के गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को कोराना के टीके लगाये जा रहे हैं। इस चरण में छूटे हुए हेल्थ वर्कर्स तथा फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी टीके लगाये जा रहे हैं। जिन व्यक्तियों को कोरोना का पहला टीका लग चुका है उन्हें दूसरा टीका भी लगाया जा रहा है। मार्च माह के प्रथम सप्ताह में रीवा जिले में 14 स्थानों पर कोरोना के टीके लगाने की व्यवस्था की गई है। टीके सप्ताह में सोमवार, बुधवार, गुरूवार तथा शनिवार को लगाये जा रहे हैं। टीका लगाने का कार्य प्रात: 9 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है।

रीवा जिले में कोरोना टीकाकरण का तीसरा चरण एक मार्च से शुरू हो गया है। इस चरण में 60 साल से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों तथा 45 से 59 साल के गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को कोराना के टीके लगाये जा रहे हैं। इस चरण में छूटे हुए हेल्थ वर्कर्स तथा फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी टीके लगाये जा रहे हैं। जिन व्यक्तियों को कोरोना का पहला टीका लग चुका है उन्हें दूसरा टीका भी लगाया जा रहा है। मार्च माह के प्रथम सप्ताह में रीवा जिले में 14 स्थानों पर कोरोना के टीके लगाने की व्यवस्था की गई है। टीके सप्ताह में सोमवार, बुधवार, गुरूवार तथा शनिवार को लगाये जा रहे हैं। टीका लगाने का कार्य प्रात: 9 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएल गुप्ता ने बताया कि जिला मुख्यालय रीवा में कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय में दो केन्द्रों में टीके लगाये जा रहे हैं। मेडिकल कालेज में भी दो टीकाकरण केन्द्र बनाये गये हैं। इनके साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गंगेव, गोविंदगढ़, हनुमना, जवा, मऊगंज, रायपुर कर्चुलियान, सिरमौर तथा त्योंथर में टीके लगाये जा रहे हैं। इन सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क टीके लगाये जा रहे हैं। जिला मुख्यालय में दो निजी अस्पतालों विन्ध्या हास्पिटल तथा रीवा हास्पिटल में भी कोरोना टीकाकरण की व्यवस्था है। यहां प्रत्येक व्यक्ति 250 रूपये शुल्क देकर कोरोना के टीके लगवा सकता है। टीकाकरण कराने के लिये मोबाइल में कोविन एप अथवा कियोस्क सेंटर से ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा है। टीकाकरण केन्द्र पहुंचकर भी आधार कार्ड अथवा अन्य किसी फोटोयुक्त पहचान पत्र से पंजीयन कराया जा सकता है। इसी तरह 45 से 59 साल के गंभीर रोगियों को पहचान पत्र के साथ-साथ पंजीकृत डॉक्टर द्वारा बीमारी का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।

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