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'जय जय चिरहुलानाथ, रीवा वाले सरकार' गाना लांच: हनुमान जयंती पर रीवा में भव्य आयोजन, सुबह 5 बजे बजरंगबली का श्रृंगार और महाआरती

हनुमान जयंती पर रीवा के चिरहुलानाथ मंदिर में भव्य आयोजन, सुबह 5 बजे होगा श्रृंगार
रीवा शहर में इस बार हनुमान जयंती का पर्व बेहद खास होने जा रहा है। 2 अप्रैल को पूरे देश के साथ रीवा में भी यह पावन दिन धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर के प्रसिद्ध चिरहुलानाथ मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मंदिर के पुजारी निशांत टोनी महाराज ने बताया कि सुबह 5 बजे भगवान बजरंगबली का भव्य श्रृंगार किया जाएगा, जिसके बाद महाआरती का आयोजन होगा। इस अवसर पर दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे और भगवान के दर्शन करेंगे।
“जय जय चिरहुलानाथ, रीवा वाले सरकार” गीत लॉन्च, भक्तों में उत्साह
हनुमान जयंती के मौके पर चिरहुलानाथ स्वामी को समर्पित एक विशेष भक्ति गीत “जय जय चिरहुलानाथ, रीवा वाले सरकार” लॉन्च किया गया है। यह गीत 1 अप्रैल को रिलीज हुआ और सोशल मीडिया व यूट्यूब पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
गीत के बोल दिव्या अग्निहोत्री द्विवेदी और नीलम द्विवेदी ने लिखे हैं, जबकि इसका संगीत और आवाज AI तकनीक के माध्यम से तैयार की गई है। इस गीत में चिरहुलानाथ स्वामी की महिमा और उनके दरबार की विशेषता का सुंदर वर्णन किया गया है।
भक्ति और आस्था का केंद्र है चिरहुलानाथ मंदिर
रीवा के चिरहुला क्षेत्र में स्थित यह मंदिर बजरंगबली की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां हर मंगलवार और शनिवार को हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
भक्तों का मानना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यही वजह है कि यह मंदिर न सिर्फ रीवा बल्कि आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी विशेष महत्व रखता है।
यहां लगती है बजरंगबली की “अदालत”
चिरहुलानाथ मंदिर की सबसे खास बात यहां की “हनुमानजी की अदालत” की परंपरा है। मान्यता है कि यहां भगवान स्वयं भक्तों की समस्याओं का समाधान करते हैं और न्याय देते हैं।
मंदिर की स्थापना करीब 500 साल पहले चिरौल दास बाबा ने की थी। यह मंदिर चिरहुला तालाब के किनारे स्थित है, जो इसे और भी पवित्र बनाता है।
तीन मंदिरों की अनोखी आस्था: जिला कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक
रीवा में हनुमानजी के तीन प्रमुख मंदिरों को न्याय व्यवस्था के रूप में देखा जाता है। चिरहुलानाथ मंदिर को जिला अदालत, रामसागर के पास स्थित हनुमान मंदिर को हाईकोर्ट और लोही स्थित खेमसागर मंदिर को सुप्रीम कोर्ट माना जाता है।
भक्तों का विश्वास है कि यदि किसी की समस्या एक मंदिर में हल नहीं होती, तो वह दूसरे मंदिर में जाकर प्रार्थना करता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और लोगों की आस्था को मजबूत बनाती है।
मन्नत पूरी होने पर होते हैं विशेष आयोजन
जब किसी भक्त की मनोकामना पूरी होती है, तो वह मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कराता है। इसमें सुंदरकांड पाठ, रामचरितमानस का पाठ और भंडारे का आयोजन शामिल होता है।
इसी कारण यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक बन चुका है।
हनुमान जयंती पर उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब
हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। प्रशासन और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है, ताकि सभी लोग आसानी से दर्शन कर सकें।
सुबह के समय श्रृंगार और महाआरती के दौरान मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा से गूंज उठेगा।
भक्ति, संगीत और परंपरा का संगम
इस बार हनुमान जयंती पर चिरहुलानाथ मंदिर में भक्ति, परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। एक ओर जहां मंदिर में पूजा-अर्चना होगी, वहीं दूसरी ओर “जय जय चिरहुलानाथ” गीत भक्तों के बीच भक्ति का नया रंग भर रहा है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह रीवा की सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है।
Rewa Riyasat News
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