रीवा

Rewa में Black Fungus ने फिर ली 2 जान, आखिर कब बंद होगा मौतों का सिलसिला

Rewa में Black Fungus ने फिर ली 2 जान, आखिर कब बंद होगा मौतों का सिलसिला
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रीवा (Rewa News) :  कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस (Black Fungus) का भी जानलेवा अटैक जारी है। शनिवार को भी ब्लैक फंगस ने दो मरीजों की जान ले ली। जहां प्रतिदिन कोरोना संक्रमण से रोज मरीजों की मौत हो रही है, वहीं ब्लैक फंगस भी लोगों की जान ले रहा है। महत्वपूर्ण बात यह कि शुक्रवार देर रात्रि अस्पताल में ब्लैक फंगस के अटैक से मरने वालों में एक की कोई कोविड हिस्ट्री नहीं मिली है, जबकि दूसरे को पोस्ट कोविड बताया गया है।

रीवा (Rewa News) : कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस (Black Fungus) का भी जानलेवा अटैक जारी है। शनिवार को भी ब्लैक फंगस ने दो मरीजों की जान ले ली। जहां प्रतिदिन कोरोना संक्रमण से रोज मरीजों की मौत हो रही है, वहीं ब्लैक फंगस भी लोगों की जान ले रहा है। महत्वपूर्ण बात यह कि शुक्रवार देर रात्रि अस्पताल में ब्लैक फंगस के अटैक से मरने वालों में एक की कोई कोविड हिस्ट्री नहीं मिली है, जबकि दूसरे को पोस्ट कोविड बताया गया है।

अस्पताल के फंगस वार्ड में कराया गया था एडमिट

वहीं शनिवार को 2 और नये मरीज इससे प्रभावित बताये गए हैं, जिन्हें अस्पताल के फंगस वार्ड में एडमिट कराया गया है। मृतकों में बसंती देवी चतुर्वेदी निवासी मैदानी रीवा कोरोना संक्रमण से पीडि़त थी। उपचार के दौरान वह स्वस्थ भी हो गई, लेकिन उसके बाद उन पर ब्लैक फंगस ने अटैक कर दिया। उन्हें विगत 25 मई को भर्ती कराया गया था। जांच में उनकी नाक में ब्लैक फंगस पाया गया। डॉटरों ने उपचार शुरू कर दिया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो पाया।

बताया जाता है की फंगस नाक से होते हुए उनकी ब्रेन में भी अचानक अटैक कर दिया और उनकी शुक्रवार की देर रात्रि मौत हो गई। वहीं शहर के चोरहटा निवासी एक 49 वर्षीय अजुर्न साकेत की भी ब्लैक फंगस ने जान ले ली। बताया गया है कि अर्जुन साकेत में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। वह कोरोना संक्रमण से प्रभावित नहीं था, उसके बावजूद ब्लैक फंगस ने उस पर अटैक कर उसकी जान ले ली।

इस तरह से जिले भर में ब्लैक फंगस (Black Fungus) नॉन कोविड को भी अपनी चपेट में ले रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। डॉटरों की मानें तो कैंसर की तरह हड्डियों को गलाने वाला यह फंगस नाक, कान, आंख से होते हुए दिमाग तक पहुंचता है तो जानलेवा बन जाता है। देर होने पर जान बचाने के लिए जहां मरीजों की आंख निकाली जा रही है, वहीं नाक के साइनस से ब्लैक नैक्रोज्ड टिश्यू निकाले जा रहे हैं। वहीं महत्वपूर्ण बात यह भी कि कोविड उपचार के दौरान डायबिटीज पीडि़त मरीजों को जरूरत से ज्यादा स्टायरॉयड देने और अनियंत्रित शुगर को इस बीमारी की वजह डॉटर मान रहे हैं।

Shashank Dwivedi | रीवा रियासत

Shashank Dwivedi | रीवा रियासत

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