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‘बस्तर में एक प्रेम हड़ताल’: डॉ. विनोद विश्वकर्मा के नए उपन्यास का दिल्ली में लोकार्पण

- दिल्ली में “बस्तर में एक प्रेम हड़ताल” का लोकार्पण
- राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव में हुआ आयोजन
- केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने दी शुभकामनाएँ
- डॉ. विनोद विश्वकर्मा के साहित्यिक रचनात्मक सफर की सराहना
देश की राजधानी नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव (NTLF) के दौरान प्रसिद्ध लेखक और शिक्षाविद डॉ. विनोद विश्वकर्मा के नए उपन्यास “बस्तर में एक प्रेम हड़ताल” का भव्य लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय जनजाति कार्य मंत्रालय और इससे जुड़े राष्ट्रीय जनजातीय शोध संस्थान (NTRI) के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हिस्सा रहा।
केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने किया लोकार्पण
उद्घाटन सत्र में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की माननीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने उपन्यास का लोकार्पण किया। उन्होंने डॉ. विश्वकर्मा को प्रकाशन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि लेखक ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय चुना है, जो समाज और साहित्य—दोनों के लिए प्रेरणास्पद है।
उपन्यास का विषय — प्रेम, समाज और जनजातीय जीवन
“बस्तर में एक प्रेम हड़ताल” उपन्यास जनजातीय समाज, सांस्कृतिक बदलाव, मानवीय संबंधों और प्रेम के विस्तृत आयामों को नए दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है। लेखक ने कहानी को इस तरह बुना है कि पाठक भावनाओं के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़ता चलता है।
रीवा से दिल्ली तक — शिक्षण और लेखन का सफर
डॉ. विनोद विश्वकर्मा वर्तमान में ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय, रीवा के हिंदी विभाग में प्राध्यापक हैं। लंबे समय से वे हिंदी साहित्य, आलोचना और रचनात्मक लेखन से जुड़े रहे हैं। उपन्यास के लोकार्पण के मौके पर महाविद्यालय समुदाय और शिक्षकों ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई।
शिक्षकों और सहकर्मियों ने दी बधाई
इस अवसर पर TRS महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी, डॉ. उर्मिला वर्मा (अध्यक्ष, हिंदी विभाग), डॉ. वंदना त्रिपाठी, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. शिप्रा द्विवेदी और डॉ. प्रदीप विश्वकर्मा सहित कई सहयोगियों ने डॉ. विश्वकर्मा को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव — क्यों है खास?
यह महोत्सव देशभर की जनजातीय परंपराओं, संस्कृति, भाषा और साहित्य को समझने और आगे बढ़ाने का एक बड़ा मंच है। दो दिवसीय संगोष्ठी में शोध-पत्र, विमर्श और साहित्यिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी समाज के अनुभवों को सामने लाने की कोशिश की गई।
पाठकों में उत्सुकता — आगे क्या?
लोकार्पण के बाद साहित्य प्रेमियों में उपन्यास को पढ़ने को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। समीक्षकों का मानना है कि यह कृति समकालीन हिंदी साहित्य में नई बहस को जन्म दे सकती है, खासकर प्रेम, समाज और जनजातीय जीवन के संबंधों पर।
लेखक का संदेश
डॉ. विश्वकर्मा का कहना है कि साहित्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को सोचने का अवसर देता है। “बस्तर में एक प्रेम हड़ताल” इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली रचना है, जिसमें मानवीय संवेदनाएँ केंद्र में रखी गई हैं।
FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उपन्यास का नाम क्या है?
उपन्यास का नाम “बस्तर में एक प्रेम हड़ताल” है।
लोकार्पण कहाँ हुआ?
लोकार्पण इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में हुआ।
लेखक कौन हैं?
इस उपन्यास के लेखक डॉ. विनोद विश्वकर्मा हैं, जो रीवा में हिंदी के प्राध्यापक हैं।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




