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रीवा/शहडोल : न्यायालय ने दी एएसआई को 4 वर्ष का सश्रम सजा

शहडोल । गाली गलौज व मारपीट के प्रकरण की विवेचना पीडि़त के पक्ष में करने के लिए पुलिस के एएसआई द्वारा रिश्वत की मांग करना भारी पड़ गया। लोकायुक्त द्वारा हुई गिरफ्तारी के बाद प्रकरण में न्यायालय द्वारा आरोपी एएसआई को चार वर्ष के सश्रम कारावास व 5 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है।
नवीन कुमार वर्मा संभागीय जनसंपर्क अधिकारी (अभियोजन) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता बहादुर लाल लोनी ने 27 जुलाई 2015 को लोकायुक्त रीवा में शिकायत दर्ज कराई कि 17 जून 2015 को पुत्रवधु का विवाद पड़ोसी अभय लोनी से हो गया था। जिसकी शिकायत अभय द्वारा थाना ब्यौहारी में की गई, जिसमें मेरी लिप्तता न होने के बावजूद एफआईआर में मेरा नाम जुड़वा दिया गया। थाना ब्यौहारी में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक राजकुमार सिंह जो विवेचना अधिकारी थे, प्रकरण की विवेचना मेरे पक्ष में करने के लिए 3000 रूपये की रिश्वत की मांगी। शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत ट्रेप कार्यवाही की गई। ट्रेपदल द्वारा आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। विवेचना उपरांत लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी राजकुमार सिंह 58 वर्ष निवासी ग्राम डगरदुआं थाना गुढ़ जिला रीवा तत्कालीन सहायक उपनिरीक्षक थाना ब्यौहारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13 (1) (डी), 13 (2) के अंतर्गत 4 वर्ष की जेल एवं अर्थदण्ड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से कविता कैथवास विशेष ने पैरवी की।




