रीवा

रीवा : लगातार 15 दिन से मर रहे मवेशियों की मौत पर बवाल, सरपंच सहित 17 लोगों पर एफआइआर , पूरे गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस का लगा पहरा

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:41 AM IST
रीवा : लगातार 15 दिन से मर रहे मवेशियों की मौत पर बवाल, सरपंच सहित 17 लोगों पर एफआइआर , पूरे गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस का लगा पहरा
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रीवा। जिले के चाकघाट थाना क्षेत्र के बसहट गांव में बाड़े में बंद किए गए आवारा मवेशियों की मौत के मामले में प्रशासन सक्रिय हो गया है।

इस घटनाक्रम में गांव के सरपंच सहित 17 लोगों पर एफआइआर दर्ज की गई है। साथ ही मामले की विवेचना की जा रही है, अभी और नाम आरोपियों के बढऩे की संभावना है। बसहट गांव में मवेशियों की मौत के पीछे गांव वालों की मनमानी और स्वयं की फसल बचाने के लिए उन्हें मौत के लिए बाड़े में बंद करने की वजह मानी जा रही है।

जिन आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है, उसमें गांव के सरपंच रघुनाथ प्रसाद भुर्तिया, आशीष पाण्डेय, ददुआन तिवारी, टुंग भुर्तिया, रामार्चा पाण्डेय, गौरीशंकर केवट, जलालुद्दीन, डिंपल उर्फ जितेन्द्र पाण्डेय, नेवाजे बनिया, गिरिधर गोपाल तिवारी, फारुख मुसलमान, उदय भुर्तिया, जय सिंह पटेल, पंकज पाण्डेय, वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, ब्रजलाल हरिजन, अवधेश भुर्तिया आदि शामिल हैं।

इन सभी के विरुद्ध मध्यप्रदेश गोवंश प्रतिशेध अधिनियम की धारा ४/९ एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा ११ के साथ ही भादवि की धारा 429 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटे जैसा माहौल है, कोई स्पष्ट रूप से कुछ कहने को तैयार नहीं है। जिसके चलते पुलिस ने भी कहा है कि यदि ऐसा रहा तो हर घर से एक-एक व्यक्ति को आरोपी बनाया जाएगा। पुलिस ने गांव में सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए हैं और हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए कहा है। - जिम्मेदार कर्मचारियों का एफआइआर में नाम नहीं गांव में पदस्थ सरकारी अमले के जिम्मेदारों का नाम एफआइआर में दर्ज नहीं है। जिसके चलते गांव के लोगों ने पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है और कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी हों, उन सब पर कार्रवाई होना चाहिए। - केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने किया उठाए सवाल केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने बसहट गांव में मवेशियों की मौत पर पत्रिका में प्रकाशित खबर ट्वीट करते हुए कहा है कि ये कमलनाथ सरकार की गौसेवा की घोषणा और डींगे मारने के बाद का चित्र अखबार ने छापा है। कार्यवाही और जिम्मेदारी किस पर और किसकी? इसका जवाब दें। मूक गौधन तो प्रश्र नहीं कर सकता पर सेवक तो पूछ सकता है।

-- मवेशियों को बसहट गांव में बाड़े में बंद करके रखा गया था, जहां पर ७५ से अधिक मृत हालत में निकाले गए हैं। इस मामले में गांव के सरपंच सहित 17 के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है, जो भी दोषी होंगे उन सबके नाम दर्ज किए जाएंगे। आबिद खान, एसपी रीवा - बसहट गांव में मवेशियों की मौत की जानकारी मिलने पर चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो सभी तथ्यों का परीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी। जिसमें प्रशासनिक कर्मचारियों की लापरवाही यदि पाई जाएगी उन पर भी कार्रवाई होगी। साथ ही सभी कलेक्टरों से कहा गया है कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं हों, इसकी निगरानी कराएं। डॉ. अशोक कुमार भार्गव, संभागायुक्त रीवा<

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