रीवा

रीवा : रीवा-मनगवां फोरलेन मुआवजा में गड़बड़ी, मचा हड़कंप

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:41 AM IST
रीवा : रीवा-मनगवां फोरलेन मुआवजा में गड़बड़ी, मचा हड़कंप
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रीवा। रीवा-मनगवां फोरलेन निर्माण के लिए किए भूमि अधिग्रहण के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर एसडीएम मनगवां का रीडर बर्खास्त कर दिया गया। जबकि तत्कालीन एसडीएम एवं तहसीलदार हुजूर को नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इस संबध में मिली जानकारी के अनुसार सरकार के द्वारा रीवा से हनुमना फोरलेन सड़क निर्माण किए जाने के लिए भू-अर्जन किया गया था लेकिन हितग्राही को कुछ मुआवजा दे दिया था जबकि 79 आरए का मुआवजा नही मिल पाया था।

जिसकी याचिका पीडि़त रामकुमाार सेन के द्वारा लगाई गई थी। जिसमें मनगवां के खमहरी की भूमि का अधग्रहण कर 6 आरए का ही मुआवजा दिया गया था। बताया गया कि कई बार अधिकारियों से मिलने के बाद भी रामकुमार की सुनवाई नही हुई तो उसने मुआवजे के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। लगातार सुनवाई और नोटिस के बाद भी अधिकारियों ने हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब नहीं दिया और गुमराह करते रहे। इस मामले में हाई कोर्ट ने कमिश्नर रीवा संभाग को नोटिस भेजा और जानकारी चाही, फिर भी नोटिस का जवाब देने मे देरी की गई। इसके बाद कमिश्रर रीवा संभाग ने हाई कोर्ट को नोटिस का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और कहा कि कई बार इस मामले में जवाब देने का नोटिस जारी करने के बाद भी अब तक जवाब नही दिया जाना कदाचरण की श्रेणी में आता है और हाई कोर्ट में प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया। कमिश्रर के प्रतिवेदन के आधार पर शनिवार 21 दिसंबर को हाईकोर्ट ने रीडर को कार्यवाही के आदेश दिए। हाई कोर्ट जबलपुर के द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए रीवा कमिश्नर से जवाब मांगा गया था, वही तत्कालीन तहसीलदार और एसडीएम को भी पार्टी बनाया, हाईकोर्ट के द्वारा प्रकरणों को सुनते हुए रीवा कमिश्नर को डायरेशन देते हुए प्रतिवेदन जवाब मांगा था, वहीं हाईकोर्ट के आदेश का पालन कमीश्नर के द्वारा तत्कालीन एसडीएम सुरेश गुप्ता एवं तहसीलदार रामेश्वर त्रिपाठी से जवाब प्रतिवेदन मांगा था। इस जवाब प्रतिवेदन भेजने में एसडीएम के रीडर द्वारा भी लापरवाही बरती गई। इसको लेकर हाईकोर्ट ने सती दिखाते हुए कमिश्नर को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। लापरवाही दोषी पाए जाने पर एसडीएम के रीडर कमलेश तिवारी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं तत्कालीन एसडीएम एवं तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है। जिसके बाद सोमवार को कमिश्रर रीवा संभाग ने एसडीएम मनगवां के रीडर कमलेश तिवारी जो की संविदा कर्मचारी था, उसकी सेवा को समाप्त कर दिया गया है। जबकि मनगवां के तत्कालीन एसडीएम रहे सुरेश गुप्ता एवं रीवा हुजूर के तहसीलदार जो उस वक्त मनगवां के तहसीलदार थे उनको नोटिस जारी किया गया है।

मुआवजा में किए गए गड़बड़ी के मामले में तत्कालीन एसडीएम के रीडर को भी निलंबित किया जा चुका है।

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