रीवा

मध्यप्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति: रीवा में बढ़ जाएंगी शराब की 15 दुकानें, मिलेगा ऑनश्रेणी का लाइसेंस

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:42 AM IST
मध्यप्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति: रीवा में बढ़ जाएंगी शराब की 15 दुकानें, मिलेगा ऑनश्रेणी का लाइसेंस
x
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat

रीवा। सरकार की नई आबकारी नीति अब अमल में आती नजर आ रही है। शहर से लेकर गांव तक उप दुकानों को खोले जाने के लिए विभाग कवायद कर रहा है। कई स्थानों में दुकानों को संचालित किए जाने स्थान को चयन कर प्रस्ताव विभाग ने भेज दिया है और जल्द ही दुकानों को खोलने की मंजूरी मिल सकती है।

शहर में केवल कुठुलिया में ही एक नई शराब दुकान दुकान खोली जा सकेगी, इसके लिए नगर निगम से स्वीकृति के लिए पत्राचार भी किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में 14 स्थानों को स्वीकृति दी गई है, जिसमें सबसे अधिक चाकघाट में 5 दुकाने खुलेंगी और सिरमौर में दो जिसमें मझियार और रघुराजगढ़ को शामिल किया गया है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जल्दी ही सभी शराब दुकानें अस्तित्व में आ जाएंगी।

जिले में 51 देसी एवं 26 विदेशी मदिरा दुकानें शराब दुकानों के समूहों को दी गई उस दुकान खोलने की अनुमति के तहत जिले में 15 से अधिक देशी एवं अंग्रेजी शराब की दुकानें खुल सकती हैं। आबकारी विभाग ने जिले में नए मदिरा उपभोक्ता क्षेत्र के निर्धारण के लिए प्रभारियों को रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। नई दुकानों को ऑनश्रेणी का लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया है।

जिले में मौजूदा समय में 51 देसी एवं 26 विदेशी मदिरा की दुकान संचालित हो रही हैं, लेकिन प्रदेश शासन की 2020-21 की आबकारी नीति में मौजूदा समय में शराब दुकानों की सीमित संया को देखते हुए एक नए संभावित क्षेत्र की पहचान के लिए कहा गया है। इस संबंध में आबकारी आयुक्त की ओर से एक पत्र भी जारी किया गया है। इसी आधार पर जिला आबकारी विभाग ने उक्त दुकानों के लिए क्षेत्र का निर्धारण शुरू कर दिया है।

वार्षिक मूल्य के आधार पर मिलेंगी दुकानें मिली जानकारी के अनुसार संचालित समूहों की ओर से अपने क्षेत्र में उप दुकान खोलना आसान नहीं होगा। इसमें प्रावधान है कि यदि किसी दुकान का वार्षिक मूल्य 2 करोड़ है तो उस दुकान के लिए वार्षिक मूल्य का 15 प्रतिशत अतिरिक्त वार्षिक शुल्क देना पड़ेगा। 2 से 5 करोड़ के वार्षिक मूल्य पर 2 करोड़ रुपए के वार्षिक मूल्य का 50 फीसदी और शेष मूल्य का 10 प्रतिशत वार्षिक मूल्य चुकाना पड़ेगा। इसी प्रकार यदि वार्षिक मूल्य 5 करोड़ है तो वह दुकान के लिए दो करोड़ के वार्षिक मूल्य का 15 प्रतिशत 2 करोड़ से अधिक एवं 5 करोड़ तक का 10 प्रतिशत एवं शेष मूल्य का 5 प्रतिशत अतिरिक्त वार्षिक मूल्य चुकाना पड़ेगा।

Next Story