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कोठारी इंस्टीट्यूट और जेसी कम्पटीशन एकेडमी के संचालक ने की व्यापक स्तर में गड़बड़ियां, हाईप्रोफाइल बिजनेस खोलकर की गाढ़ी कमाई : REWA NEWS

लोकायुक्त से जांच कराये जाने के साथ अनुपातहीन सम्पति को राजसात करने की गई मांग
रीवा। महिला बाल विकास अधिकारी कार्यलय रीवा में पदस्थ रहते हुए व्यापक स्तर पर पद का दुरूपयोग करते हुए गढ़ी कमाई कर हाईप्रोफाइल बिजनेस खोल रखे है महिला बाल विकास के परियोजना अधिकारी जीवेंद्र सिंह के खिलाफ 8/11/19 को मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायती पत्र दिया गया था जिसके तहत पत्र कमाक नं 24 587/सीएम एच पी यू डी /19 डॉ इलैयाराजा सचिव मुख्यमंत्री ने पीएस प्रमुख सचिव अनुपम्म राजन महिला बाल विकास रीवा कार्यवाही के लिए पत्र भेजा गया
इसके उपरांत सयुक्त संचालक आर एस रघुवंशी महिला एवं बाल विकास दिनाक 8/11/19 पत्र कमाक 64 ,56/19 ,20 जाँच कर प्रतिवेदन मांगा गया है कि महिला बाल विकास शहरीय परियोजना अधिकारी जीवेंद्र सिंह के द्वारा किये गए पद का दुरुपयोग कर पंद्रह साल रीवा में लगातार पदस्थ रहते हुए अपने सेवा पुस्तिका में भम्रक जानकारी दी गई महिला बाल विकास की शहरीय परियोजना अधिकारी जीवेंद्र सिंह द्वारा सेवा के उपरांत ही 15 वर्षो से ज्यादा रीवा में लगातार पदस्थ रहते हुए कोठारी इंस्टीट्यूट कोचिंग सेंटर के साथ जेसी कम्पटीशन एकेडमी का संचालन 20 वर्षो से ज्यादा किया जा रहा है
यही नही जीवेंद्र सिंह 15 वर्षो से भाजपा शासन काल के दौरान एवं आर एस एस तथा भारतीय जनता पार्टी के विचार धारा से जुड़े होने के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं को सरंक्षण देने के साथ ही आर एस एस विचार धारा के व्यक्ति है जीवेंद्र सिंह परियोजना अधिकारी के पद पर रहते हुए रीवा शहर के अपने निज निवास झझरा कलौनी बोदबाग में हाईप्रोफाइल कोचिंग सेंटर चला रहे है अपने सेवा के दौरान ये घर से ही सम्पूर्ण परियोजना कार्यलय संचालित करते है हुए जीवेंद्र सिंह ने निवास की जानकारी जो दी गई वह सेवा पुस्तिका में सीधी जिले पर दर्ज है जबकि पुस्तैनी निवासी ग्राम आम्हा ब्लाक गंगेव जिला रीवा की जानकारी दी गई है इसी तरह तीसरे ठिकाने में झझरा कलौनी बोदबाग रीवा है जीवेंद्र सिंह के बारे मे यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि इन्होंने विकलांगता का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुति किये है जबकि शरीरिक फिटनेश के मुताबिक कहि से भी विकलांग नही है ऐसे में तत्काल हटाकर सम्मपूर्ण संम्पति की लोकायुक्त से जांच कराये जाने के साथ अनुपातहीन सम्पति की राजसात करने की मांग की गई है




