राष्ट्रीय

तिहाड़ जेल प्रशासन ने निर्भया के गुनहगारों के परिवारवालों को लिखा खत- इस दिन सुबह फांसी पर लटका देंगे

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:42 AM IST
तिहाड़ जेल प्रशासन ने निर्भया के गुनहगारों के परिवारवालों को लिखा खत- इस दिन सुबह फांसी पर लटका देंगे
x
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat

नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gang Rape Case) के दोषियों के परिवारवालों को तिहाड़ जेल प्रशासन ने पत्र लिखा है. तिहाड़ प्रशासन की तरफ से पत्र में लिखा गया है कि दोषियों को 1 फ़रवरी की सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा. उससे पहले अगर कोई परिवार का सदस्य या रिश्तेदार दोषियों से अंतिम मुलाकात करना चाहता है तो कर सकता है. तिहाड़ जेल के सूत्रों से यह जानकारी मिली है.

दरअसल, फांसी पर लटकाए जाने का 'डेथ-वारंट' जारी होने के बाद से निर्भया के दोषी 'चुप्पी' साधे बैठे हैं. दरअसल, अभी तक चार में से किसी भी दोषी ने तिहाड़ प्रशासन द्वारा पूछे जाने के बाद भी यह नहीं बताया है कि उनकी अंतिम इच्छा आखिर क्या-क्या है?

तिहाड़ जेल (दिल्ली जेल) के महानिदेशक संदीप गोयल ने गुरुवार को कहा, "अदालत से डेथ-वारंट जारी होने के बाद जो कानूनी प्रक्रिया अमल में लानी चाहिए हम वो सब अपना रहे हैं. इसी के तहत चारों मुजरिमों से तिहाड़ जेल प्रशासन ने उनकी अंतिम इच्छा भी कुछ दिन पहले पूछी थी. अभी तक चार में से किसी ने भी कोई जबाब नहीं दिया है." संदीप गोयल ने कहा, "जेल प्रशासन ने चारों मुजरिमों से पूछा था कि डेथ-वारंट अमल में लाए जाने से पहले वे किससे किस दिन किस वक्त जेल में मिलना चाहेंगे? संबंधित के नाम, पते और संपर्क-नंबर यदि कोई हो तो लिखित में जेल प्रशासन को सूचित कर दें. ताकि वक्त रहते अंतिम मिलाई कराने वालों को जेल तक लाने का समुचित इंतजाम किया जा सके."

जेल महानिदेशक के मुताबिक, "नियमानुसार दूसरी बात यह पूछी गई थी चारों से कि क्या उन्हें अपनी कोई चल-अचल संपत्ति अपने किसी रिश्तेदार, विश्वासपात्र के नाम करनी है? अगर ऐसा है तो संबंधित शख्स/रिश्तेदार का नाम पता भी जेल प्रशासन को उपलब्ध करा दें. गुरुवार तक चार में से किसी भी मुजरिम ने फिलहाल दोनों ही सवालों का जबाब नहीं दिया है. जैसे ही उनका जबाब मिलेगा, जेल प्रशासन उसी हिसाब से इंतजाम शुरू कर देगा."

तिहाड़ जेल के एक अन्य अधिकारी ने कहा, "चारों मुजरिमों ने चूंकि दोनों में से किसी भी सवाल का जवाब अभी तक लिखित रूप से नहीं सौंपा है. लिहाजा फिलहाल उनकी जेल में बाकी कैदियों की तरह ही सप्ताह में दो दिन परिवार वालों से मिलाई करा दी जा रही है. हां, फांसी की सजा अमल में लाए जाने वाले दिन से पहले उन्हें (दोषियों को) अंतिम बार किससे जेल में और कब मिलना है? यह फिलहाल लंबित ही है. हालांकि अगर फांसी लगने वाले दिन से पहले तक, समुचित समय के साथ मुजरिमों ने दोनों ही सवालों का जबाब नहीं दिया, तो जेल प्रशासन मान लेगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना-सुनना है."

Next Story