राष्ट्रीय

'चौकीदार चोर है' वाले बयान पर SC की फटकार के बाद राहुल गांधी ने मानी गलती

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:36 AM IST
चौकीदार चोर है वाले बयान पर SC की फटकार के बाद राहुल गांधी ने मानी गलती
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नई दिल्ली। राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संदर्भ देकर "चौकीदार चोर है" की टिप्पणी करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में गलती मान ली है। इसके बाद वो 6 मई को इसे लेकर हलफनामा दाखिल करेंगे। राहुल गांधी की तरफ से उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने नया हलफनामा दाखिल करते हुए कहा है कि मैं मानता हूं कि मैंने गलत बयान दिया।

जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी द्वारा सोमवार को दूसरा हलफनामा दाखिल कर फिर से खेद जताया गया था लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इसे लेकर नाराजगी जताई। मंगलवार को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के बयान को लेकर कहा कि आपने हमारे हवाले से ऐसे कैसे कह दिया।

इस पर राहुल गांधी की पैरवी कर रहे आभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हमने अफने हलफनामे में पूरी तरह से खेद जताया है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने पूछा कि हलफनामें में हमें बताईए खेद कहा लिखा है। गलती की है तो उसे मानिए भी।

जानकारी के अनुसार सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा चुनावी गर्मागर्मी में यह बयान गलती से निकल गया और उसके लिए खेद भी जताया है। लेकिन मीनाक्षी लेखी के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट के सामने सबूत पेश करते हुए कहा कि गलती एक बार हो सकती है या दो बार लेकिन राहुल ने कईं बार अलग-अलग मौकों पर सुप्रीम कोर्ट के नाम से बयान दिया।

इसके बाद आपराधिक अवमानना से बचने के लिए राहुल गांधी की तरफ से उनके वकील ने कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल करते हुए माफी मांगी गई।

इससे पहले अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को शीर्ष अदालत में एक बार फिर खेद जताया था। अपने नए हलफनामे में राहुल गांधी ने याचिकाकर्ता भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी पर आरोप लगाया कि उनके खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल कर उन्होंने अपने निजी और राजनीतिक लाभ के लिए अदालत को राजनीतिक विवाद में घसीटा था। गांधी ने अवमानना याचिका खारिज करने की भी मांग की थी।

क्या है मामला भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने अवमानना याचिका में कहा है कि राफेल मामले में आये सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल ने कोर्ट का नाम लेकर अपनी निजी राय व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री के लिए गलत बयानबाजी की। लेखी का आरोप है कि राहुल गांधी ने बयान में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा है कि चौकीदार नरेंद्र मोदी चोर है। जबकि कोर्ट ने फैसले में ऐसी कोई बात नहीं कही है। ये कोर्ट की अवमानना है। गत 15 अप्रैल को कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उसने आदेश में ऐसा कुछ नहीं कहा है जैसा कि आरोप लगाया गया है।

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