
क्या 15 अगस्त को जम्मू-कश्मीर पर होने जा रहा है ये बड़ा फैसला? जानिए क्यों हो रही ऐसी सुगबुगाहट...

क्या जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है? क्या 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर से धारा 35-A हटाने का ऐलान करने वाले हैं? सोशल मीडिया और खासतौर पर जम्मू-कश्मीर में इसको लेकर जबरदस्त चर्चा है। सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि ये सवाल क्यों खड़े हुए? वे कौन-से घटनाक्रम हैं, जिन्होंने इन सवालों को जन्म दिया? जानिए इन्हीं के बारे में -
शाह का जम्मू-कश्मीर दौरा: केंद्रीय गृहमंत्री बनने के बाद अमित शाह ने जून के आखिरी हफ्ते में जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। पिछले 30 साल में यह पहला मौका रहा जब वादी में केंद्र सरकार के किसी बड़े मंत्री या नेता के आने पर किसी भी अलगाववादी संगठन ने बंद का एलान नहीं किया है। इन दो दिनों में शाह ने सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की।
राजनाथ सिंह का बयान: 21 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर घाटी में थे। उन्होंने सांबा में कहा था, 'कश्मीर मसला हल होने वाला है। कोई बातचीत करे या न करे, कश्मीर का समाधान होगा। समाधान कैसे होगा और क्या होगा। यह हम अच्छी तरह से जानते हैं। इस दिशा में काम हो रहा है। दुनिया की कोई भी ताकत हमें नहीं रोक सकती। मैं आज यहां ऐसे ही नहीं बोल रहा हूं। बहुत सोच समझ कर बोल रहा हूं, लेकिन इसके लिए आपका और लोगों का सहयोग चाहिए।'
अजित डोभाल का दौरा: इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी कश्मीर का दौर दिन का दौरा किया और लौटते ही दिल्ली में सुरक्षा पर बड़ी बैठक ली।
अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती: केंद्र सरकार ने हाल ही में कश्मीर घाटी में अर्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने का फैसला किया है। इसके बाद से जम्मू-कश्मीर के राजनेताओं और लोगों में आशंका है कि सरकार धारा 35-A हटाने जा रही है। हालांकि सुरक्षा से जुड़े अधिकारी कह रहे हैं कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह कश्मीर घाटी में एक बड़े आतंकवादी हमले को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। जिसके मद्देनजर सरकार ने क्षेत्र में आतंकवाद-रोधी ग्रिड को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया है।
महबूबा मुफ्ती को भी सता रही यह आशंका: अर्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने की खबर ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को भी असहज कर दिया। महबूबा ने कहा- सरकार के इस फैसले से कश्मीर के लोग दहशत में हैं। उनका ताजा बयान है कि कश्मीर में हाल ही में जो घटनाक्रम हुए हैं, उससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। मैंने फारूक अब्दुल्ला साहब से सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। समय की जरूरत है कि सभी एक साथ आएं और एकजुट होकर सरकार को जवाब दें।




