राष्ट्रीय

इस वजह से बार-बार हो रही कमलनाथ सरकार की किरकिरी

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:37 AM IST
इस वजह से बार-बार हो रही कमलनाथ सरकार की किरकिरी
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भोपाल। राज्य सरकार ने पिछले चार महीने से अब तक अफसरों के जो तबादले किए हैं, उनमें सरकार की किरकिरी हो रही है। सरकार ने तबादलों में बार-बार संशोधन किए। इन वजह से सरकार की छवि पर बुरा असर पड़ रहा है।

मामला वंदेमातरम् का हो या मीसाबंदियों की पेंशन रोके जाने का, सारे मामलों में कमलनाथ सरकार को निर्णय लेने के बाद बैकफुट पर आना पड़ा है। सरकार बनने के पहले से कांग्रेस कह रही थी कि राज्य सरकार कोई इन्वेस्टर्स मीट नहीं करेगी, सरकार बनने के बाद फैसला बदल गया। अब 18-19 अक्टूबर को इन्वेस्टर्स मीट कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसका नाम बदलकर 'मैग्नीफिशेंट एमपी" कर दिया गया है।

वंदेमातरम् पर फैसला पलटा कमलनाथ सरकार को पिछले कुछ दिनों में कई अहम मामलों में निर्णय लेने के बाद बैकफुट पर आना पड़ा है। सबसे पहला मामला वंदेमातरम् का था, मंत्रालय में हर महीने की पहली तारीख को होने वाला वंदेमातरम् गायन सरकार ने आनन-फानन में बंद कराया। चारों तरफ विरोध हुआ तो फिर शुरू करवा दिया।

मीसाबंदी पर भी यूटर्न मीसाबंदी पेंशन रोकने के लिए सरकार ने आदेश जारी किया। जीएडी मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि इनके खिलाफ अपराध भी दर्ज कराया जाए। दबाव बना तो फिर नया आदेश जारी किया कि सिर्फ भौतिक सत्यापन कर सम्मान निधि यानी पेंशन शुरू कर दी जाए।

मैग्नीफिशेंट एमपी इंदौर में 18-19 को कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कहा था कि वह इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन कर फिजूलखर्ची नहीं करेगी पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार इंदौर में 18 और 19 अक्टूबर को मैग्नीफिशेंट एमपी के नाम से निवेशकों का सम्मेलन करने जा रही है।

तबादलों में बार-बार संशोधन सत्ता में आने के बाद से ही तबादलों को लेकर सरकार असमंजस में रही है। आचार संहिता लागू किए जाने के पहले कलेक्टर-कमिश्नर और प्रमुख सचिवों के जितने तबादले किए, उनमें कई बार संशोधन किया गया। एक अफसर को लापरवाही के नाम पर हटाया, हफ्ते भर बाद उसे प्राइम पोस्टिंग दे दी। यह सिलसिला अब तक चल रहा है।

सतना कलेक्टर सतेंद्र सिंह को पहले हटाया, फिर वहीं कर दिया। वित्त सचिव बनाए गए गुलशन बामरा को सागर कमिश्नर बनाया, फिर संशोधन कर दिया। चुनाव आयोग ने जिन कलेक्टरों को हटाया था, उनमें श्रीनिवास शर्मा को फिर से छिंदवाड़ा और ललित दाहिमा का पुन: शहडोल में तैनात कर दिया गया।

हर मोर्चे पर निराश किया कमलनाथ सरकार मिस्टर बंटाढार के नए अवतार के रूप में साबित हो रही है। अब तक के शासनकाल में फैसले लेने में सरकार फेल रही है। केजरीवाल सरकार की तरह अपनी असफलता का ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ रही है। पानी-बिजली से लेकर गवर्नेंस तक हर मोर्चे पर सरकार ने जनता को निराश किया है। - रजनीश अग्रवाल, प्रवक्ता, भाजपा मप्र

हमने यू-टर्न नहीं लिया सरकार ने किसी भी विषय पर यू-टर्न नहीं लिया है। यदि हमने कुछ कहा है और उसमें परिवर्तन किया है तो उसका अध्ययन करने के बाद शासन को लगता है कि इस संबंध में बदलाव जरूरी है तो शासन उस बदलाव को उचित मानता है। कई विषयों पर राज्य शासन की ओर से या वचन पत्र में उल्लेख किया होता है तो उसके बाद जब तथ्य मालूम पड़ते हैं कि जनता का हित किसमें है या नीति परिवर्तन करने से लाभ होगा तो ऐसी नीतियां बदली जा सकती हैं, इनमें यूटर्न जैसी कोई बात नहीं है। - सीपी शेखर, उपाध्यक्ष, मप्र कांग्रेस कमेटी

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