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अंतिम संस्कार करने कम पड़ रही लकड़ियां, शुगर मील से मगाये जा रहे गन्ने के छिलके

RewaRiyasat.Com
Suyash Dubey
24 Apr 2021

सूरत (Surat) :  कोरोना की इस सूनामी ने सारी व्यावस्था को ध्वतस्त कर दिया है। हालत यह कि अंतिम संस्कार करने के लिये अब लकड़ियो की कंमी भी आने लगी है। शव जलाये जाने के लिये शुगर मिलों से गन्ने के छिलके मंगने पड़ रहे है।

इस तरह का मामला गुजरात के सूरत से सामने आ रहा है। मीडिया खबरो के मुताबिक सूरत शहर के श्मशानो में चौबीस घंटे शवों का अंतिम संस्कार हो रहा है। इस कारण लकड़ियों की कमी हो गई है। अब अंतिम संस्कार में लकड़ियों के बीच गन्ने के छिलके भरकर शवों को जलाया जा रहा है।

खोले गये और श्मशान घाट

सूरत में जहांगीरपुरा श्मशान, रामनाथ घेला श्मशान और अश्वनी कुमार श्मशान घाट में जगह कम पड़ने पर लिंबायत और पाल इलाके में बंद पड़े श्मशान शुरू कर दिए गए हैं। यहां अब चौबीस घंटे कोरोना प्रोटोकॉल के तहत शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसके बाद भी अंतिम संस्कार के लिये लंबी वेटिंग आ रही है। जिसके चलते शवों को क्रिया कर्म के लिए दूसरे शहर भी भेजा जाने लगा है।

मीले दे रही गन्ने के छिलके

चीनी मील के डायरेक्टर दर्शन नायक का कहना है कि शवों की संख्या इतनी ज्यादा है कि कई जगह एडवांस में चिताएं तैयार रखी जा रही हैं। इसी के चलते शुगर मिल से शहर और जिले के सभी श्मशानों में जरूरत के हिसाब से मुफ्त में गन्ने के छिलके भेजे जा रहे हैं। इन्हें लकड़ियों के बीच भरा जा रहा है, जिससे कि लकड़ियों की कमी को पूरा किया जा सके।

एक लाख लगभग पहुच रहे केस

सूरत शहर सहित जिले में कोरोना के रोजाना 3 हजार के लगभग केस आ रहे हैं। यहां पिछले चौबीस घंटों में 2817 नए मामले सामने आए, जिससे सक्रिय मरीजों की संख्या 19,884 पर पहुंच गई है। 

सूरत शहर में 77,727 मामले, जबकि ग्रामीण में 22,073 मामले यानी कुल 99,800 मामले सामने आ चुके हैं। मौतों का आंकड़ा 1590 तक पहुंच चुका है। इसमें 1270 शहर के और 320 ग्रामीण के शामिल हैं। दूसरी ओर शहर के 858 और ग्रामीण के 227 मरीज ठीक हुए। अब तक 78,326 मरीज ठीक हो चुके हैं। इसमें 17,400 मामले ग्रामीण क्षेत्रों के शामिल हैं। वहीं 19,884 एक्टिव मरीजों का इलाज चल रहा है। शुक्रवार को 101 मृतकों का कोरोना गाइड लाइन के तहत अंतिम संस्कार हुआ है।
 

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