
लाखो किसानो के लिए बड़ी खबर! वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत क्या 10 साल से ज्यादा पुराना ट्रैक्टर अब कबाड़ में जाएगा?

देश के करोडो किसानो के लिए जरूरी खबर सामने आ रही है। बता दें की सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) ने अनुपयुक्त और प्रदूषण फैलाने वाले परिवहन और गैर-परिवहन वाहनों को स्क्रैप करने के लिए स्वैच्छिक वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण कार्यक्रम या वाहन स्क्रैपिंग नीति तैयार की है। जानकारी के अनुसार इस नीति के तहत वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए कोई अनिवार्य आयु-सीमा निर्धारित नहीं की गयी है। स्वचालित परीक्षण स्टेशन के माध्यम से परीक्षण के बाद जब तक वाहन उपयुक्त पाया जाता है, तब तक वाहन को सड़क पर चलाया जा सकता है।
क्या ट्रैक्टर भी किये जायेंगे स्क्रैप?
bबता दें की कृषि ट्रैक्टर एक गैर-परिवहन वाहन है और प्रारंभ में 15 वर्षों के लिए पंजीकृत किया जाता है। एक बार 15 वर्ष की प्रारंभिक पंजीकरण अवधि पूरी हो जाने के बाद, इसके पंजीकरण का नवीनीकरण एक बार में पांच वर्षों के लिए किया जा सकता है।
भारत सरकार ने अधिसूचना जी.एस.आर. 29(ई) दिनांक 16.01.2023 में निर्दिष्ट कुछ सरकारी वाहनों को छोड़कर, किसी भी वाहन के लिए आयु-सीमा निर्धारित नहीं की है। इसको लेकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 10 साल बाद ट्रैक्टरों को स्क्रैप करने के संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा की इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि 10 साल बाद ट्रैक्टरों को अनिवार्य रूप से स्क्रैप करने के संबंध में ट्विटर और व्हाट्सएप सहित मीडिया के कुछ वर्गों में प्रसारित होने वाली खबरें पूरी तरह से झूठी, निराधार और बिना किसी सच्चाई के हैं। भय पैदा करने के लिए झूठी बातें फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।




