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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम चाहते हैं जल्दी हो फ्लोर टेस्ट, पढ़िए आज की अपडेट न्यूज़ : MP NEWS
Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:45 AM IST

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सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि एक बात बहुत स्पष्ट है कि विधायक सभी एक साथ कार्य कर रहे हैं. यह एक राजनैतिक ब्लॉक हो सकता है.
एक लाइन का होना चाहिए इस्तीफा: SC
सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि एक बात बहुत स्पष्ट है कि विधायक सभी एक साथ कार्य कर रहे हैं. यह एक राजनैतिक ब्लॉक हो सकता है. हम कोई भी अर्थ नहीं निकाल सकते. वहीं जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कहा कि संसद या विधानसभा के सदस्यों को विचार की कोई स्वतंत्रता नहीं है. वे व्हिप से संचालित होते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नियम के मुताबिक इस्तीफा एक लाइन का होना चाहिए. The Supreme Court said- We want the floor test to be fast, read today's update news: MP NEWS
एक विकल्प राज्यपाल अपनी रिपोर्ट केंद्र को दें: SC
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक सिद्धांत जो उभरता है, उसमें अविश्वास मत पर कोई प्रतिबंध नहीं है, क्योंकि स्पीकर के समक्ष इस्तीफे या अयोग्यता का मुद्दा लंबित है. इसलिए हमें यह देखना होगा कि क्या राज्यपाल उसके साथ निहित शक्तियों से परे काम करें या नहीं. एक अन्य सवाल है कि अगर स्पीकर राज्यपाल की सलाह को स्वीकार नहीं करता है तो राज्यपाल को क्या करना चाहिए. एक विकल्प है कि राज्यपाल अपनी रिपोर्ट केंद्र को दें.
कर्नाटक का उदाहरण, SC ने कहा- नहीं टला था फ्लोर टेस्ट
अभिषेक मनु सिंघवी ने कर्नाटक का आदेश पढ़ा. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्नाटक के आदेश स्पीकर के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देता कि वो कब तक अयोग्यता पर फैसला लें, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि फ्लोर टेस्ट न हो. कर्नाटक के मामले में अगले दिन फ्लोर टेस्ट हुआ था और कोर्ट में विधायकों की अयोग्यता के मामले को लंबित होने की वजह से फ्लोर टेस्ट नहीं टाला था.
यह राज्य की नहीं, एक राष्ट्रीय समस्य है
इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम कोई रास्ता निकालना चाहते हैं. ये केवल एक राज्य की समस्या नहीं है, बल्कि ये राष्ट्रीय समस्या है. आप यह नहीं कह सकते कि मैं अपना कर्तव्य तय करूंगा और दोष भई लगाऊंगा. हम उनकी स्थिति को सुनिश्चित करने के लिए परिस्थितियों बना सकते हैं कि इस्तीफे वास्तव स्वैच्छिक है. हम एक पर्यवेक्षक को बेंगलुरु या किसी अन्य स्थान पर नियुक्त कर सकते हैं. वे आपके साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जुड़ सकते हैं और फिर आप निर्णय ले सकते हैं.
मांगी गई दो हफ्ते की मोहलत
कमलनाथ सरकार की ओर से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि दलबदल कानून के तहत 2/3 का पार्टी से अलग होना जरूरी है. अब इससे बचने के लिए नया तरीका निकाला जा रहा है. 15 लोगों के बाहर रहने से हाउस का दायरा सीमित हो जाएगा. यह संवैधानिक पाप के आसपास होने का तीसरा तरीका है. ये मेरे नहीं अदालत के शब्द हैं. सिंघवी ने कहा कि बागी विधायकों के इस्तीफे पर विचार के लिए दो हफ्ते का वक्त देना चाहिए.
स्पीकर के अधिकार में कोई दखल नहीं दे सकता
मध्य प्रदेश में सियासी संग्राम पर सुनवाई शुरू हो गई है. स्पीकर की ओर से पेश हो रहे वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह स्पीकर का अधिकार है कि वह चुने कि किसे इस्तीफा स्वीकार किया जाना है और किसका नहीं. स्पीकर के फैसले में कोई दखल नहीं दे सकता है.
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