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तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस: 9 पुलिसकर्मियों को फांसी, कोर्ट ने कहा- ‘Rarest of Rare’; हिरासत में पिता-पुत्र की मौत हुई थी

Aaryan Puneet Dwivedi
7 April 2026 12:01 AM IST
तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस: 9 पुलिसकर्मियों को फांसी, कोर्ट ने कहा- ‘Rarest of Rare’; हिरासत में पिता-पुत्र की मौत हुई थी
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तमिलनाडु के सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा, कोर्ट ने बताया ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’, 6 साल बाद आया फैसला।

तमिलनाडु से एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है। मदुरै की सेशन कोर्ट ने सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई है। यह मामला 2020 में कोविड लॉकडाउन के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना से जुड़ा है, जिसमें एक पिता और बेटे की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। कोर्ट ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ बताया और कहा कि यह सत्ता के दुरुपयोग और बर्बरता की हद है।

सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में ऐतिहासिक फैसला

सोमवार को सुनाए गए इस फैसले में कोर्ट ने साफ कहा कि दोषियों ने कानून की रक्षा करने के बजाय उसका गलत इस्तेमाल किया। इसलिए उन्हें सबसे सख्त सजा दी जानी चाहिए। 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाने के साथ ही अदालत ने मृतकों के परिवार को 1 करोड़ 40 लाख रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

इस केस में कुल 10 आरोपी थे, लेकिन एक आरोपी की कोरोना महामारी के दौरान मौत हो गई थी। बाकी 9 दोषियों को अब सजा सुनाई गई है।

क्या हुआ था 2020 में?

यह घटना 19 जून 2020 की है, जब लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने मोबाइल दुकान चलाने वाले पी. जयराज (59) और उनके बेटे जे. बेनिक्स (31) को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उन्होंने लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करते हुए दुकान खोली थी।

दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। लेकिन कुछ ही दिनों के अंदर दोनों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था।

हिरासत में मारपीट के गंभीर आरोप

परिजनों ने आरोप लगाया कि पिता और बेटे को थाने में रातभर बुरी तरह पीटा गया था। उनके शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे और काफी खून बहा था। यह आरोप बाद में जांच में भी सही साबित हुए।

CBI जांच के दौरान एक महिला कांस्टेबल ने गवाही दी कि दोनों को पूरी रात प्रताड़ित किया गया था। थाने के अंदर टेबल और लाठियों पर खून के निशान पाए गए थे। यह गवाही केस का सबसे मजबूत सबूत बनी।

CBI जांच में सामने आई सच्चाई

इस मामले की जांच पहले राज्य की CB-CID कर रही थी, लेकिन बाद में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर इसे CBI को सौंप दिया गया। जांच एजेंसी ने इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया।

CBI ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा कि यह एक योजनाबद्ध तरीके से किया गया टॉर्चर था। हालांकि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पुलिस स्टेशन का CCTV फुटेज सुरक्षित नहीं रखा गया था। फुटेज रोजाना अपने आप डिलीट हो जाता था, जिससे कई अहम सबूत नहीं मिल पाए।

कौन हैं दोषी पुलिसकर्मी?

इस मामले में दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर पी. रघु गणेश और के. बालकृष्णन, हेड कॉन्स्टेबल एस. मुरुगन और ए. समदुरई शामिल हैं। इसके अलावा कॉन्स्टेबल एम. मुथुराज, एस. चेल्लादुरई, एक्स. थॉमस फ्रांसिस और एस. वेलुमुथु को भी दोषी पाया गया है।

10वें आरोपी स्पेशल सब-इंस्पेक्टर पॉलदुरई की ट्रायल के दौरान कोविड से मौत हो गई थी।

देशभर में उठे थे सवाल

इस घटना के बाद पूरे देश में पुलिस अत्याचार को लेकर बहस छिड़ गई थी। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक लोगों ने न्याय की मांग की थी। कई मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मामले को गंभीरता से उठाया।

यह केस भारत में पुलिस सुधार और मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा उदाहरण बन गया।

इस फैसले का क्या असर होगा?

कोर्ट का यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अगर कोई पुलिसकर्मी भी कानून का उल्लंघन करता है, तो उसे भी सख्त सजा मिलेगी।

यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए एक मजबूत चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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