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Strategic Reserve Petrol India: आइये समझते हैं सरकार का स्ट्रैटजिक पेट्रोल रिज़र्व सिस्टम, जिससे देश में ईंधन की कीमतें कम हो जाएंगी

Abhijeet Mishra
25 Nov 2021 10:28 AM GMT
Strategic Reserve Petrol India: आइये समझते हैं सरकार का स्ट्रैटजिक पेट्रोल रिज़र्व सिस्टम, जिससे देश में ईंधन की कीमतें कम हो जाएंगी
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Strategic Reserve Petrol India: भारत सरकार ने यह घोषणा की है स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिज़र्व में से 50 लाख बैरल रिलीज करेगी, जिससे पेट्रोल और डीज़ल के दाम सस्ते हो सकते हैं

Strategic Reserve Petrol India: बढ़ते पेट्रोल और डीज़ल के दामों को कम करने और जनता को महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र सरकार अब अपने स्ट्रैटिजिक पेट्रोलियम रिज़र्व से 50 लाख बैरल रिलीज करने वाली है। ऐसा करने पर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कमी आ सकती है। भारत से पहले अमरीका ने भी ऐसा गई कदम उठाया था। आने वाले दिनों में दुनिया के अन्य देश भी स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिज़र्व को रिलीज करने का फैसला कर सकते हैं।

जब से केंद्र सरकार ने स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिज़र्व की बात कही है तब से यह इंटरनेट में चर्चा का विषय बन चूका है, आइये जानते हैं आखिर स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिज़र्व क्या होता है और देश की सरकार इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम को कहां स्टॉक कर के रखती है। इसी के साथ आपको हम ये भी बताएंगे की स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम से 50 लाख बैरल फ्यूल रिलीज करने के बाद देश में पेट्र्रोल और डीज़ल की कीमत कितनी कम हो जाएगी।

क्या होता है स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिज़र्व (What is Strategic Reserve)

ये समझना कोई रॉकेट साइंस के जैसा नहीं है, आपको हम स्ट्रैटजिक रिज़र्व के बारे में एक दम आसान भाषा में प्रेम से समझाने वाले हैं। हर देश की सरकार युद्ध या किसी विषम परिस्थिति की वजह से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने पर रिज़र्व फ्यूल का इस्तेमाल करती है। और इससे देश की ज़रूरतों को पूरा किया जाता है। आपातकालीन स्थिति में ी रिज़र्व फ्यूल का इस्तेमाल तेल की कीमतों को कम करने के लिए भी किया जाता है।

बता दें कि भारत देश अपनी ज़रूरत का करीब 83% हिस्से का फ्यूल दूसरे देशों से खरीदता है। कभी भविष्य को तेल की सप्लाई बन हो जाए इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार पेट्रोलियम को रिज़र्व कर के रखती है। रिज़र्व पेट्रोलियम का इस्तेमल सिर्फ आपातकालीन परिस्थिति में ही किया जाता है।

भारत कहां कच्चे तेल को रिज़र्व करता है (Where are the strategic reserves of India located)

भारत में पेट्रोलियम रिज़र्व बनाने के लिए पहले फेज़ में विशाखापट्नम , मंगलोर और उड्डपी के पास मौजूद पादुर मने स्ट्रैटिक रिज़र्व बनाए थे। इन तीनों रिज़र्व में 50 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल स्टोर किया जा सकता है। इन रिज़र्व को ऑपरेट करने की जिम्मेवारी इंडियन स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिज़र्व लिमिटेड (ISPR) को दी गई है। जो कि देश के पेट्रोलियम मंत्रालय के नियंत्रण में काम करता है।

फाइनेंशियल ईयर 2017-18 में भारत सरकार ने ओडिशा के चंडीखोल और राजिस्थान केबीकानेर में दो स्ट्रैटजिक फ्यूल रिज़र्व बनाने का फैसला किया था। भारत के स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम के स्टॉक में लगभग 10 दिन तक देश की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने जितना कच्चा तेल है।

इन्ही जगहों पर क्यों है स्ट्रैटजिक पेट्रोलिम रिज़र्व ("Crude oil in underground caves)

भारत ने अपने सभी स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिज़र्व को समुद्री किनारों पर बनाया है। पडोसी देशों से युद्द की स्थिति में पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में यह ज़्यादा सुरक्षित है, ज़्यादातर आयल रिफाइनरी भी देश के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों के समुद्री कोनों में है, आयल रिफाइनरी और रिज़र्व को आपस में कनेक्ट किया जाता है। इसी लिए रिज़र्व को इन इलाकों में बनाया जाता है। , अच्छे तेल को स्टोर करने के लिए समुद्री इलाके ज़्यादा सहज और सुरक्षित माने जाते हैं, क्योंकि जमीन की तुलना में पानी का तापमान भी कम रहता है।

इतनी बड़ी मात्रा में कच्चे तेल को कैसे स्टोर किया जाता है।

देश में पेट्रोलियम रिज़र्व को रॉक कैवर्न्स में स्टोर किया जाता है, इसका मतलब चट्टानों के भीतर गुफा नुमा स्टोरेज में इन्हे सुरक्षित रखा जाता है। चट्टानों को तोड़ कर गुफा बनाई जाती है जिसमे कच्चे तेल का भंडारण होता है। वहीँ अमेरिका अपने कच्चे तेल को साल्ट डॉम में सुरक्षित रखता है, मतलब जमीन की 2 से 4 हज़ार फ़ीट निचे नमक को निकाल कर उसकी जगह कच्चे तेल को रखा जाता है। अमेरिका ने अपने फ्यूल रिज़र्व को मेक्सिको की खाड़ी में बनाया है।

क्या फिर पेट्रोल डीज़ल सस्ता हो जाएगा (Strategic Reserve to control the price of petrol-diesel)

केडिया कोमोडिटी के डाइरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि अगर सरकार कच्चे तेल की घटती कीमतों का फायदा पेट्रोलियम कंपनियां आम आदमी को देती हैं तो पेट्रोल और डीज़ल 2 से 4 रुपए सस्ता हो सकता है। लेकिन अगर आने वाले दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपए कमजोर होता है तो फिर कीमतों में कमी आना मुश्किल हो जाएगा। कच्चे तेल की कीमत फ़िलहाल 80 डॉलर प्रति बैरल के पास है।

भारत के पास कितना स्टॉक है (strategic petroleum reserve India)

भारत के पास वर्तमान में 3.8 करोड़ कच्चे तेल के बैरल का स्टॉक है। इसी स्टॉक में से 50 लाख बैरल रिलीज किया जाएगा। इस स्टॉक में मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MPRL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (HPCL) को बेचा जाएगा।




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