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उत्तराखंड के सन्यासी अखाड़े ने स्वामी अविमुक्तश्वरानन्द को ज्योतिष पीठ का नया शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया

उत्तराखंड के सन्यासी अखाड़े ने स्वामी अविमुक्तश्वरानन्द  को ज्योतिष पीठ का नया शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया
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Swami Avimukteshwaranand Jyotish Peeth: शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के निधन के बाद ज्योतिष पीठ के लिए उनके उत्तराधिकारी के रूप में स्वामी अविमुक्तश्वरानन्द को चुना गया था

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ज्योतिष पीठ: द्वारका-शारदा पीठ और ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी सरस्वती स्वरूपानंद के निधन के बाद ज्योतिष्पीठ के अगले शंकराचार्य के लिए सन्यासी अखाड़े ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के नाम का एलान किया था. मगर अब ज्योतिष पीठ के सन्यासी अखाड़े ने अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) को अपना शंकराचार्य मानाने से इनकार कर दिया है.

गौरतलब है कि गुजरात के द्वारका/शारदा पीठ और ज्योतिष पीठ उत्तरखंड के शंकराचार्य स्वामी सरस्वती स्वरूपनन्दन ने ज्योतिष पीठ के लिए अपने अगले उत्तराधिकारी के रूप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को चुना था. उनके निधन के बाद जब उन्हें समाधी दी जा रही थी उसी वक़्त अविमुक्तेश्वरानंद को ज्योतिष पीठ का अगला शंकराचार्य बनाने का एलान किया गया था.

अविमुक्तेश्वरानंद का विरोध क्यों हो रहा

निरंजनी अखाड़े के सचिव और अखिल भारतीय अखाडा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने अविमुक्तेश्वरानंद के विरोध में कहा है कि उनकी ज्योतिष पीठ के अगले शंकराचार्य की नियुक्ति गलत तरीके से हुई है. यह नियमों के खिलाफ जाकर किया गया है. किसी भी पीठ का शंकराचार्य बनने या उनकी नियुक्ति होने की एक विधिवित प्रक्रिया होती है जिसका पालन नहीं किया गया है.

तो कौन होगा ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य

11 सितम्बर को शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी का निधन हो गया था. तब से लेकर अबतक दोनों पीठ के कोई प्रधान नहीं है. हालांकि द्वारिका पीठ के लिए स्वामी सदानंद सरस्वती को चुना गया है और उन्हें लेकर कोई विरोध नहीं है. मगर अविमुक्तेश्वरानंद को ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य बनाने को लेकर विरोध हो रहा है.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी का कहना है कि ज्योतिष्पीठ के लिए नए शंकराचार्य की नियुक्ति की रणनीति बनाने के लिए सभी सातों अखाड़ों की बैठक होगी और सर्वसम्मति से नए शंकराचार्य की नियुक्ति की जाएगी

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