
दिल्ली की 'हवा में जहर'; सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा, जल्द कुछ करें, जरूरत हो तो लॉकडाउन लगाए

Air Pollution in Delhi: देश की राजधानी नई दिल्ली की आवो-हवा में रोजाना जहर (Poison in Delhi's Air) बढ़ता ही जा रहा है. दिल्ली का AQI लेवल शनिवार 13 नवंबर को 465+ तक जा पहुंचा है. राजधानी की जहरीली हवा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर लताड़ा है. सुको ने सरकार को कहा कि, हालत गंभीर हैं, जरूरत पड़े तो दिल्ली में लॉकडाउन (Lockdown) लगाएं या वाहनों को रोंके.
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमना दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. उन्होंने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि आप देख रहे हैं कि हालात कितने गंभीर हैं. हम अपने घरों में भी मास्क लगाकर घूम रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में स्कूलों के खोले जाने पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने प्रशासन से तुरंत जरूरी कदम उठाने को कहा है. जैसे- वाहनों को रोकना और दिल्ली में लॉकडाउन लगाना.
पराली का बहाना
सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद सरकार ने पराली का बहाना बनाया है. सरकार ने सुको से कहा कि वे पराली जलाने से रोकने के लिए उचित कदम उठा रहें हैं. पिछले 5-6 दिनों में जो प्रदूषण हुआ है. उसकी वजह पंजाब में जल रही पराली है. अभी भी पंजाब के खेतों में पराली जलाई जा रही है. राज्य सरकारों को कामों में तेजी लाने की जरूरत है.
इस चीफ जस्टिस रमना ने सरकार से पूछा- आप क्यों ऐसा जताना चाहते हैं कि सिर्फ पराली जलाने से ही प्रदूषण हो रहा है? उससे सिर्फ कुछ प्रतिशत ही प्रदूषण फैल रहा है, बाकी का क्या?
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा इमरजेंसी प्लान
आप दिल्ली का बाकी प्रदूषण रोकने के लिए क्या कर रहे हैं? आपको इमरजेंसी प्लान लाना चाहिए. आप बताइए कि क्या इमरजेंसी उपाय करने के लिए आपकी क्या योजना है? दो दिन का लॉकडाउन? AQI कम करने के लिए यह आपका प्लान है? हमें सिर्फ दो तीन दिन का प्लान नहीं, बल्कि सही प्लान बताइए.
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




