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Middle East संकट पर पीएम मोदी का लोकसभा में बड़ा बयान: 'होर्मुज का रास्ता रोकना मंजूर नहीं', तेल-गैस संकट से निपटने का बताया मास्टरप्लान

Rewa Riyasat News
23 March 2026 4:29 PM IST
PM Narendra Modi speaking in Lok Sabha about West Asia crisis and Indias energy security strategy 2026
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लोकसभा में पीएम मोदी: पश्चिम-एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ी रणनीति साझा की।

लोकसभा में पीएम मोदी ने पश्चिम-एशिया संकट पर भारत का रुख साफ किया। तेल-गैस सप्लाई और भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार की बड़ी रणनीति। जानिए पीएम की 6 मुख्य बातें।

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भीषण युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से भारत का पक्ष रखा है। लोकसभा में दिए गए अपने 25 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन देश की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

होर्मुज की घेराबंदी और ऊर्जा ठिकानों पर हमले का विरोध

प्रधानमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि व्यापारिक जहाजों के रास्ते में रुकावट पैदा करना और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) का रास्ता रोकना कतई स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने नागरिकों और पावर प्लांट जैसे ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि युद्ध का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति (Diplomacy) से ही संभव है।


PM Modi
बड़ी घोषणा

"हमने संकट के समय के लिए तैयारी की है। हमारे भंडार भरे हैं और हमारी कूटनीति सक्रिय है।"

देश को घबराने की जरूरत नहीं है।


नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री, भारत



तेल और गैस संकट पर भारत का 'बैकअप प्लान'

देश में ईंधन की कमी न हो, इसके लिए पीएम मोदी ने सरकार की भविष्यदर्शी रणनीति साझा की। उन्होंने बताया कि भारत अब किसी एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं है:

  • आयात का विस्तार: भारत अब 27 के बजाय 41 देशों से तेल और गैस का आयात कर रहा है।
  • रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves): भारत के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल का सुरक्षित भंडार है, जिसे बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
  • स्वतंत्र स्टोरेज: सरकारी तेल कंपनियों ने भी आपात स्थिति के लिए अलग से स्टॉक बनाए रखा है।

3.75 लाख भारतीयों की हुई सुरक्षित घर वापसी

पीएम मोदी ने बताया कि संकटग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाले 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऑपरेशन के जरिए अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इसमें अकेले ईरान से लौटे 1000 भारतीय शामिल हैं, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र हैं।

पीएम मोदी के संबोधन की 6 बड़ी बातें:

  1. एनर्जी सेक्टर: ऊर्जा हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। युद्ध के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए एक विशेष सरकारी ग्रुप रोजाना आयात-निर्यात की निगरानी कर रहा है।
  2. पावर सप्लाई: देश में गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है। बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए पावर प्लांट्स में कोयले का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
  3. अन्न भंडार: ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधा के बावजूद भारत के पास पर्याप्त राशन और अनाज मौजूद है।
  4. किसानों को राहत: अंतरराष्ट्रीय संकट के बाद भी भारतीय किसानों को यूरिया की बोरी ₹300 से कम में मिल रही है।
  5. कूटनीति: भारत ने पश्चिम एशिया के देशों के प्रमुखों से बात कर तनाव कम करने की अपील की है।
  6. व्यापारिक सुरक्षा: कॉमर्शियल जहाजों पर हमले स्वीकार्य नहीं हैं, इसके लिए वैश्विक सहयोगियों से निरंतर संवाद जारी है।

संकट के बीच आत्मनिर्भरता की ढाल

प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने साफ कर दिया है कि 2026 के इस वैश्विक संकट में भारत न केवल अपनी आंतरिक व्यवस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि दुनिया के सामने एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में भी उभरा है। तेल-गैस के विविध स्रोतों और अनाज के भंडार ने भारत को एक सुरक्षा कवच प्रदान किया है।

पीएम का संदेश: "हमने संकट के समय के लिए तैयारी की है। हमारे भंडार भरे हैं और हमारी कूटनीति सक्रिय है। देश को घबराने की जरूरत नहीं है।"
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