
नितिन नबीन बने BJP के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष: 45 की उम्र में रचा इतिहास, निर्विरोध चुने गए पार्टी के 12वें प्रेसिडेंट; आधिकारिक ऐलान आज

- भाजपा को मिला अब तक का सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष – नितिन नबीन
- केवल 45 साल की उम्र में बने पार्टी के 12वें प्रेसिडेंट
- निर्विरोध चुने गए, 37 सेट नामांकन पत्र हुए वैध
- राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा सहित सभी दिग्गजों का समर्थन
BJP को मिला 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष, नितिन नबीन निर्विरोध चुने गए
भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने इतिहास का सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया है। 45 वर्षीय नितिन नबीन अब आधिकारिक रूप से पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। यह फैसला न सिर्फ पार्टी के अंदर बल्कि पूरे देश की राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है – कि भाजपा अब नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे लाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
निर्विरोध चुनाव, 37 सेट नामांकन – एकजुट BJP
दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में सोमवार को हुई प्रक्रिया में नितिन नबीन के नाम पर एक भी विरोधी नामांकन नहीं आया। राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिनमें हर एक वैध पाया गया। हर सेट पर देशभर के 20-20 वरिष्ठ नेताओं के हस्ताक्षर थे। इसके अलावा संसदीय बोर्ड की ओर से प्रधानमंत्री सहित 37 सांसदों द्वारा समर्थित एक विशेष सेट भी दाखिल किया गया।
अमित शाह का रिकॉर्ड टूटा
अब तक भाजपा के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह थे, जिन्होंने 49 साल की उम्र में यह पद संभाला था। लेकिन नितिन नबीन ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया। मात्र 45 वर्ष की उम्र में पार्टी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभालना, उन्हें न सिर्फ भाजपा बल्कि भारतीय राजनीति के सबसे युवा शीर्ष नेताओं में शामिल करता है।
कार्यकर्ता से अध्यक्ष तक – नितिन नबीन की यात्रा
नितिन नबीन (Nitin Nabin)
पूर्व मंत्री, बिहार सरकार एवं कार्यकारी अध्यक्ष
| जन्म | 23 मई 1980, पटना |
| पिता | स्व. नवीन किशोर सिन्हा (पूर्व विधायक) |
| कुल संपत्ति | 3.1 करोड़ रुपये |
| विधानसभा | बांकीपुर (पटना) |
राजनैतिक करियर और उपलब्धियां
नितिन नबीन बिहार की राजनीति के एक युवा और प्रभावशाली चेहरा हैं। बांकीपुर सीट से लगातार 5 बार विधायक चुने जाने का गौरव उन्हें प्राप्त है। उन्होंने सड़क एवं परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया है और वर्तमान में भाजपा के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
प्रमुख मील के पत्थर (Key Milestones)
- लगातार जीत: 2006, 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में विजयी।
- मंत्रालय: 9 फरवरी 2021 को पहली बार बिहार सरकार में सड़क एवं परिवहन मंत्री बने।
- संगठन: भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
- विरासत: उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा भी वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधायक थे।
नितिन नबीन की राजनीतिक यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। छात्र राजनीति से शुरू होकर बूथ स्तर के कार्यकर्ता, संगठन पदाधिकारी, विधायक और फिर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन का चयन सिर्फ उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी संगठन क्षमता, जमीनी पकड़ और आधुनिक राजनीतिक सोच को देखते हुए किया गया है।
दिल्ली में धार्मिक स्थलों का दौरा, मोदी से मुलाकात संभव
राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने से पहले नितिन नबीन ने दिल्ली में वाल्मीकि मंदिर, गुरुद्वारा बंगला साहिब और झंडेवालान मंदिर में दर्शन किए। इसे उनकी विनम्रता और आध्यात्मिक सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि वे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं।
नितिन नबीन की पत्नी का बयान – ‘हीरे की पहचान जौहरी को होती है’
नितिन नबीन की पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने इस उपलब्धि पर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हीरे की पहचान जौहरी को ही होती है। केंद्रीय नेतृत्व जानता है कि कौन व्यक्ति पार्टी के लिए दिन-रात काम कर सकता है। नितिन ने वर्षों तक संगठन के लिए मेहनत की और आज उसका फल मिला है।” उनका यह बयान इस बात को दर्शाता है कि नितिन नबीन की सफलता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि एक पारिवारिक संघर्ष और समर्पण की कहानी भी है।
BJP का इतिहास और नए युग की शुरुआत
| अध्यक्ष का नाम | पदभार ग्रहण आयु | कार्यकाल |
|---|---|---|
| अटल बिहारी वाजपेयी | 55 साल | 1980-86 |
| लालकृष्ण आडवाणी (1) | 58 साल | 1986-91 |
| मुरली मनोहर जोशी | 57 साल | 1991-93 |
| लालकृष्ण आडवाणी (2) | 65 साल | 1993-98 |
| कुशाभाऊ ठाकरे | 75 साल | 1998-2000 |
| बंगारू लक्ष्मण | 61 साल | 2000-01 |
| जेना कृष्णमूर्ति | 73 साल | 2001-02 |
| वेंकैया नायडू | 53 साल | 2002-04 |
| लालकृष्ण आडवाणी (3) | 76 साल | 2004-06 |
| राजनाथ सिंह (1) | 54 साल | 2006-09 |
| नितिन गडकरी | 52 साल | 2009-13 |
| राजनाथ सिंह (2) | 62 साल | 2013-14 |
| अमित शाह | 49 साल | 2014-20 |
| जे.पी. नड्डा | 59 साल | 2020-25 |
भाजपा का गठन 6 अप्रैल 1980 को हुआ था।
भारतीय जनता पार्टी के 46 वर्षों के इतिहास में अब तक 11 राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। इनमें लालकृष्ण आडवाणी तीन बार अध्यक्ष बने, जबकि राजनाथ सिंह ने दो बार यह जिम्मेदारी निभाई। जेपी नड्डा, अमित शाह जैसे दिग्गजों ने पार्टी को राष्ट्रीय फलक पर मजबूत किया। अब नितिन नबीन की नियुक्ति को भाजपा में नई पीढ़ी की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
युवा नेतृत्व पर भाजपा की बड़ी रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने आने वाले दशक की रणनीति साफ कर दी है। देश की 60% से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है। ऐसे में पार्टी एक ऐसे चेहरे को आगे ला रही है, जो युवाओं से सीधा संवाद कर सके, डिजिटल राजनीति को समझता हो और संगठन को नई ऊर्जा दे सके। नितिन नबीन इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं।
2029 और उससे आगे की राजनीति
12वें भाजपा अध्यक्ष के कार्यकाल में 11 अहम चुनाव
| साल | चुनाव का विवरण |
|---|---|
| 2026 | • प. बंगाल विधानसभा चुनाव |
| • तमिलनाडु विधानसभा चुनाव | |
| • केरल विधानसभा चुनाव | |
| • असम विधानसभा चुनाव | |
| 2027 | • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव |
| • उत्तराखंड विधानसभा चुनाव | |
| • पंजाब विधानसभा चुनाव | |
| • गोवा विधानसभा चुनाव | |
| • मणिपुर विधानसभा चुनाव | |
| • राष्ट्रपति चुनाव | |
| • उपराष्ट्रपति चुनाव |
नितिन नबीन की ताजपोशी को 2029 लोकसभा चुनावों की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी अब दीर्घकालिक नेतृत्व मॉडल की ओर बढ़ रही है। एक युवा अध्यक्ष के साथ भाजपा न केवल संगठन को आधुनिक बनाएगी, बल्कि राज्यों में नए चेहरों को उभारने की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ेगी।
भाजपा में अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया
भाजपा अध्यक्ष का चुनाव कैसे होता है?
• भाजपा संविधान की धारा-19 में चुनाव के प्रावधान हैं।
• चुनाव कार्यकारीणी के बनाए नियमों के तहत होता है।
• राष्ट्रीय और प्रदेश परिषदों के सदस्यों का इलेक्टोरल कॉलेज अध्यक्ष चुनता है।
अध्यक्ष बनने के लिए जरूरी शर्तें
- कम से कम 15 साल तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य होना अनिवार्य है।
- इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्य प्रस्तावक होने चाहिए।
चुनाव प्रोसेस
| 1. नामांकन: नॉमिनेशन फॉर्म भरना होता है। |
| 2. वोटिंग: नामांकन के बाद मतदान की प्रक्रिया होती है। |
| 3. काउंटिंग: दिल्ली में बैलेट बॉक्स की गिनती होती है। |
भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष कितना पावरफुल
भाजपा अध्यक्ष की पावर और काम
चुनावी रणनीतियों, गठबंधनों और प्रचार अभियानों को अंतिम रूप देना।
केंद्र और राज्यों में सरकार के साथ पार्टी संगठन का तालमेल बनाए रखना।
महासचिव, सचिव, प्रवक्ता, प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्तियों में अंतिम निर्णय लेना।
नए राजनीतिक सहयोगियों को जोड़ने और पार्टी के विस्तार की योजना बनाना।
राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की नीति बनाना और जमीनी स्तर पर कैडर को सक्रिय रखना।
महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी का रुख तय करना और सरकार को सुझाव देना।
संसद और सार्वजनिक मंचों पर विपक्षी दलों के सवालों का जवाब देना।
RSS और अन्य हिंदुत्व संगठनों के साथ पार्टी का संतुलन बनाए रखना।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नितिन नबीन कौन हैं?
नितिन नबीन भारतीय जनता पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे छात्र राजनीति से निकले एक संगठनात्मक नेता हैं, जिन्होंने बूथ स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है।
वे किस उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बने?
नितिन नबीन 45 वर्ष की उम्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं, जिससे उन्होंने अमित शाह का रिकॉर्ड तोड़ा।
उन्हें निर्विरोध क्यों चुना गया?
पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं और राज्यों के अध्यक्षों ने उनके समर्थन में नामांकन किया। किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं भरा, जिससे वे निर्विरोध चुने गए।
इस फैसले का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह फैसला दर्शाता है कि भाजपा नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव चाहती है और युवाओं को केंद्र में रखकर भविष्य की राजनीति की तैयारी कर रही है।
नितिन नबीन से पार्टी को क्या उम्मीदें हैं?
पार्टी उनसे संगठन को आधुनिक बनाने, युवाओं को जोड़ने और आगामी चुनावों में भाजपा को नई दिशा देने की उम्मीद कर रही है।
Rewa Riyasat News
2013 में स्थापित, RewaRiyasat.Com एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है जो पाठकों को तेज़, सटीक और निष्पक्ष खबरें प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाओं तक की भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।




