
MP: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह बोले: ट्रांसफ़रों से बढ़ रहा वित्तीय भार, सिंधिया पर भी साधा निशाना

पूर्व वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई एवं विधायक लक्ष्मण सिंह ने ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि सिंधिया के पास समय की कमी है, क्योंकि वे उत्तर प्रदेश में भी पार्टी का काम देख रहे हैं, लिहाजा उनको मध्य प्रदेश पीसीसी का अध्यक्ष नहीं बनाया जाना चाहिए. लक्ष्मण सिंह ने साफ कहा कि पार्टी हाईकमान को सिंधिया की जगह किसी दूसरे के नाम पर विचार करना चाहिए.
जबकि प्रदेश में कमलनाथ सरकार द्वारा किए जा रहे बड़े पैमाने पर कर्मचारियों के ट्रांसफर से भी लक्ष्मण सिंह खुश नहीं हैं. उनका कहना है कि वैसे तो ट्रांसफर होना एक शासकीय प्रक्रिया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर ट्रांसफर होना गलत है. इससे सरकार पर ही बोझ पड़ता है. कर्मचारियों के ट्रांसफर होने पर उन्हें भत्ता भी देना पड़ता है.
ट्रांसफर से बढे़गा वित्तीय भार अभी तक हुए ट्रांसफर में इसका आंकड़ा करोड़ों रुपए में पहुंच चुका है. अभी छोटे कर्मचारियों के ट्रांसफर और होना है. इसका वित्तीय भार भी सरकार पर पड़ेगा. लक्ष्मण सिंह ने कहा कि ये पैसा कहां से आएगा. जनता का पैसा कर्मचारियों के भत्ते पर खर्च किया जाएगा. जबकि इसका उपयोग कई विकास कार्यों पर किया जा सकता है.
कंप्यूटर बाबा के भी खिलाफ हैं लक्ष्मण सिंह शिप्रा, मंदाकिनी न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा द्वारा नर्मदा नदी के निरीक्षण के लिए हेलिकॉप्टर मांगे जाने का भी लक्ष्मण सिंह ने विरोध किया है. उन्होंने कहा कि कंप्यूटर बाबा संत हैं उन्हें इस तरह की मांग शोभा नहीं देती. अगर उन्हें नर्मदा नदी का जायजा ही लेना है तो पैदल परिक्रमा करनी चाहिए.
दरअसल, कंप्यूटर बाबा ने कहा था कि नर्मदा में कहां-कहां गंदगी है, कहां क्या काम करना है, इसके आकलन के लिए उन्हें हेलीकॉप्टर से देखना पड़ेगा, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को हेलीकाप्टर की मांग से अवगत कराया है.




