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Rewari : शहीद किसानों की याद में शहीद स्मारक, देश भर से लाई गई मिट्टी

RewaRiyasat.Com
Sandeep Tiwari
06 Apr 2021

रेवाड़ी (Rewari News in Hindi) : हरियाणा के रेवाड़ी में शहीद किसानों को याद रखने शहीद स्माकर बनाया जा रहा है। शहीद स्मारक बनाने के लिए देश के हर प्रांत से मिट्टी मंगाई गई और स्मारक बनाया गया। रेवाड़ी जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर मिट्टी का स्मारक बनाया गया। कृषि कानून के विरोध में अब तक 300 किसानो ने अपनी जान गाव दी है। इन्ही शहीद किसानों याद रखने के लिए स्मारक बनाया गया है।

तीन सैकड़ा किसानों ने गंवाई जान

नये कृषि कानून को लेकर विगत चार माह से भी ज्यादा समय से किसान आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन में 300 के बारीब किसानों ने आपनी जांन तक गावं दी। किसान अपने हक के लिए अभी भी आंदोलन का रास्ता नही छोड़ रहे हैं। वही सरकार भी शायद किसानों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। 

सैकडों किसान रहे उपस्थित

जानकारी के अनुसार किसान आंदोलन मंे शहीद हुए किसानोे के नाम पर एक स्मारक बनाया गया। इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा योगेंद्र यादव और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर सहित कई बड़े सामाजिक कार्यकर्ता तथा भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

मांगें पूरी होने तक चलेगा आंदोलन

किसानों तथा किसान संगठनों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे नही मानी जाती है हम आंदोलन में डटे रहेंगे। सरकार हमारे प्रण की परीक्षा ले रही है। स्मारक में आये किसानो ने कहा लो चले गये वह भी हमारे बीच हैं।

हाइवे पर बने स्मारक

शहीद स्मारक निर्माण हो जाने के बाद जब भी लोग हाईवे से गुजरेंगे, किसानों की शहादत को याद करेंगे। इसलिए यह देश के बार्डर इलाकों में हाइवे के किनारे स्माकर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। आज जो किसान आंदोलन में अपने प्राणों को त्याग दिये हैं। उनके नाम पर बना स्मारक हमें उनकी याद दिलाता रहेगा।

गुजरात से आये डिजाइनर 

शहीद की याद में बनने वाले स्मारक के लिए गुजरात से आए प्रख्यात डिजाइनरयह स्मारक डिजाइन किया गया है। इस डिजाइन में विशेष बातों का खयाल रखा गया है। खास तौर पर यह ध्यान दिया जा रहा है कि यह ज्यादा संकीर्ण न हो। लोगों को दूर से इसे दिख जाय। 

शहीदों को याद रखने स्मारक आवश्यक: योगेन्द्र

संयुक्त किसान मोर्चा केयोगेंद्र यादव ने कहा कि किसान आंदोलन में अनेक हमारे किसान भाइयों ने अपनी जान गवाई हैं। देश की किसानों की जान बहुत कीमती है। साथ ही योगेन्द्र यादव ने कहा कि कोई भी आंदोलन तभी जिंदा रहता है जब उस आंदोलन के शहीदों को याद याद रखा जाए।
 

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