
मलाला का डबल स्टैंडर्ड: अपनी किताब में बुरका के खिलाफ लिखी थीं बातें अब भारत की मुस्लिम छात्राओं को भड़का रही

Malala's double standard: पाकिस्तानी एजुकेशन और वीमेन एक्टिविस्ट मलाला यूसुफजदई (Malala Yousafzai) ने कर्नाटक उड्डपी कॉलेज में चल रहे हिजाब विवाद में भारत सरकार को घेरने की कोशिश की है। उन्होंने इस घटना पर अफ़सोस जताते हुए लिखा है कि हिजाब के कारण लड़कियों को पड़ने से रोकना बहुत बुरा है। लेकिन मलाला शायद यह भूल गईं कि उन्होंने अपनी लिखी किताब में खुद हिजाब पहनने के खिलाफ कई बातें लिखीं थी.
लोगों ने मलाला के ट्वीट और उनकी किताब I Am Malala में लिखीं हिजाब विरोधी बातों को ट्वीटर सहित सोशल मीडिया में शेयर करना शुरू कर दिया और उन्हें डबल स्टैंडर्ड और दोहरा चरित्र का कहने लगे. ज़ाहिर है एक तरफ मलाला औरतों की आज़ादी पर बात करती हैं वहीं भारत में मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनकर कॉलेज जाने की बात को जायज कहती हैं. हिप्पोक्रेसी की भी सीमा होती है..
मलाला ने अपनी किताब में क्या लिखा था
मलाला ने अपनी जीवन के संघर्षों पर आधारित एक किताब I Am Malala को साल 2013 अक्टूबर में पब्लिश किया था। यह किताब लोगों को खूब पसंद आई थी क्योंकी इस किताब में मलाला ने अपने जीवन के स्ट्रगल और उन्हें कट्टरपंथी लोगों के बीच पढाई कैसे अपनी पढाई के लिए लड़ाई लड़ी. उस किताब में मलाला ने इंग्लिश में लिखा था कि.
"Wearing a Burqa is like walking inside a big fabric shuttlecock with only a grille to see through and on hot days it's like an oven"
इसका हिंदी मतलब है
"बुर्का पहनना एक बड़े कपड़े के शटलकॉक के अंदर चलने जैसा है जिसमें केवल एक ग्रिल है और गर्म दिनों में यह ओवन की तरह है"
बस मलाला की कथनी और करनी में यहीं लोगों ने फर्क देख लिया, मलाला खुद बुरका के खिलाफ बातें करती थीं और अब भारत देश की मुस्लिम लड़कियों को हिजाब की लड़ाई लड़ने और भारत के नेताओं को ताने सुनाने का काम कर रही हैं.
किताब में छपी मलाला की लिखीं बातें
मलाला का हिजाब वाले मामले में ट्वीट
"College is forcing us to choose between studies and the hijab".
— Malala (@Malala) February 8, 2022
Refusing to let girls go to school in their hijabs is horrifying. Objectification of women persists — for wearing less or more. Indian leaders must stop the marginalisation of Muslim women. https://t.co/UGfuLWAR8I




