
Madhya Pradesh CM कमलनाथ के करीबियों पर इनकम टैक्स का छापा

इंदौर। आयकर विभाग की टीम ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और सलाहकार राजेंद्र कुमार मिगलानी के दिल्ली स्थित आवास व इनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर छापा मारा। शहर सहित भोपाल, इंदौर, दिल्ली और देशभर में 35 स्थानों पर 300 से ज्यादा आयकर अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी, अमिरा और मोजर बीयर कंपनी भी शामिल हैं।
इंदौर में कक्कड़ के विजय नगर स्थित शोरूम, बीएमसी हाइट्स स्थित ऑफिस, शालीमार टाउनशिप और जलसा गार्डन, भोपाल स्थित घर श्यामला हिल्स, प्लेटिनम कॉलोनी सहित अन्य स्थानों पर भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि सर्विस के दौरान ही कई जांच चल रही थी। कार्रवाई में भोपाल में प्रतीक जोशी के घर से 9 करोड़ रुपये नकद राशि मिलने की बात सामने आ रही है, इन्हें प्रवीण कक्कड़ से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इंदौर के ऊषा नगर में इनके सीए राजेंद्र रांका के घर भी छापा मारा गया है।
आयकर टीम ने किसी को नहीं लगने दी कार्रवाई की भनक कहा जा रहा है कि आयकर विभाग की टीम अपने साथ दिल्ली से ही सीआरपीएफ की टीम को लेकर आई थी। स्थानीय पुलिस को भी इस बात की भनक नहीं लगने दी कि वह कार्रवाई करने वाले हैं। इस पूरी कार्रवाई में निजी ट्रेवल एजेंसी की गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया है।
कक्कड़ जब पुलिस अधिकारी थे तभी उनके खिलाफ कई मामले सामने आए थे। वे सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया के काफी करीबी माने जाते हैं। जब आयकर विभाग की टीम देर रात पहुंची तो उनके परिवार के लोग घबरा गए थे। जब उन्हें पुख्ता हो गया कि ये सभी आयकर के अधिकारी हैं तो उन्होंने जांच में सहयोग किया।
हवाला कारोबार से जुड़ रहे तार इस कार्रवाई को जबलपुर में पकड़े गए हवाला कारोबारी लालवानी उर्फ बंटी के यहां मिली जानकारी से भी जोड़ा जा रहा है। लालवानी के ठिकाने पर आयकर को 4000 करोड़ रुपए से अधिक के हवाला कारोबार का पता चला था। यह भी कहा जा रहा है कि तीन दिन पहले भोपाल में एक काफिले से करोड़ों रुपए मिले थे, इसके बाद इस मामले को रफा-दफा कर दिया गया। तब से ही आयकर विभाग छापे की तैयारी में था।
कांतिलाल भूरिया को दिलाई थी चुनाव में जीत प्रवीण कक्कड़ को पुलिस विभाग में रहने के दौरान उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। इसके बाद उन्होंने 2004 में अपने नौकरी छोड़ दी और कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बन गए। कहा जाता है कि 2015 में कांतिलाल भूरिया को रतलाम-झाबुआ सीट पर मिली जीत प्रवीण कक्कड़ द्वारा बनाई रणनीति से मिली। दिसंबर 2018 में वे सीएम कमलनाथ के ओएसडी बने थे।




