
कांग्रेस के बागी विधायकों की Live प्रेस कांफ्रेंस : राहुल, दिग्विजय और कमलनाथ पर लगाए गंभीर आरोप

भोपाल। आज ज्योतिरादित्य समर्थक कांग्रेस के बागी विधायकों ने लाइव प्रेस वार्ता की है. जिस पर सभी 22 विधायकों ने कमलनाथ सरकार के खिलाफ हल्ला बोला है. उन्होंने ने एक राय होकर मीडिया को बताया की उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया है. वहीँ सभी विधायकों ने राहुल गाँधी, दिग्विजय सिंह एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ में यह भी कहा की जब 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए तो बाकी 16 के इस्तीफे स्वीकार क्यों नहीं कर रहें है स्पीकर।
बेंगलुरु में मौजूद ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक विधायकों ने मीडिया के सामने आकर कहा कि हमें यहां बंधक नहीं बनाया गया है। हमने इस्तीफा सौंपा है और सभी केंद्रीय सुरक्षा बल की मौजूदगी में भोपाल आने को तैयार हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में शिवराज सिंह चौहान की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई होना है। उधर इस बीच चिन्मय मिश्र और सचिन जैन के द्वारा भी इस मामले में नागरिक याचिका दायर की गई है। कोरोना के चलते विधानसभा का बजट सत्र 26 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। इस बीच कल सीएम कमलनाथ राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने पहुंचे और बाहर निकलकर कहा कि आज हमारे पास बहुमत है। राज्यपाल ने सीएम को दूसरी बार पत्र लिखकर 17 मार्च को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने को कहा था। सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी को शक है तो वे अविश्वास प्रस्ताव ले आएं। इस बीच कांग्रेस बेंगलुरु में मौजूद विधायकों को बंधक बनाए जाने का आरोप भी लगाती रही। भाजपा ने अपने विधायकों को सीहोर के रिसॉर्ट में रखा है, कांग्रेस विधायक भी भोपाल में ही मौजूद हैं।
राहुल गांधी ने हमारी बात नहीं सुनी, सभी उपचुनाव के लिए तैयार गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया पर अगर भोपाल में हमला हो सकता है तो हम पर भी हो सकता है। केंद्रीय सुरक्षा बल की उपस्थिति में हम शाम को ही भोपाल जा सकते हैं। 6 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए गए तो 16 के क्यों नहीं। हम सभी उपचुनाव के लिए तैयार हैं। विधायकों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद हम राहुल गांधी के पास गए थे, हमने कहा हमारे साथ अन्याय हुआ है, लेकिन उन्होंने हमारी कोई बात नहीं सुनी। दिग्जिवय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा माफिया आज भी सरकार चला रहा है।
बेंगलुरु में मौजूद विधायक बोले, सीएम बनने के बाद कमलनाथ का व्यवहार बदल गया बेंगलुरू में मौजूद विधायकों ने मीडिया के सामने आकर कहा कि हमें यह सूचना मिली कि हमें बंधक बनाया गया है, लेकिन आप लोग देख सकते हैं कि यह बात गलत है, हम स्वतंत्र है और अपनी मर्जी से यहां है। जब चुनाव लड़ा गया तो दो चेहरे सामने लाए गए जिसमें कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया थे। इसके बाद सिंधिया जी की जगह कमलनाथ को सीएम बनाया गया। सीएम बनने के बाद उनका व्यवहार बदल गया, हमारे विधानसभा क्षेत्र के लिए उन्होंने कोई पैसा नहीं दिया। हर बाद छिंदवाड़ा में कामों के लिए पैसा लगाया जा रहा था। ज्योतिरादित्य सिंधिया की सरकार बनाने में बड़ी भूमिका थी। हमारे साथी विधायक जो जयपुर में थे उनसे पूछ लिजिए, वह भी इनसे प्रताड़ित हैं।
मध्य प्रदेश में सियासी संकट पर लगी एक और याचिका मध्य प्रदेश के सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र और सचिन जैन ने सुप्रीम कोर्ट में खुली याचिका पेश की है और कहा कि 2018 के विधानसभा चुनाव में हमने अपने मताधिकार का प्रयोग लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए किया था। लेकिन मध्य प्रदेश में छाए राजनीतिक संकट के कारण ना सिर्फ लोकतंत्र कमजोर हो रहा है, बल्कि संविधान की अपेक्षा की जा रही है, इसलिए मतदाता होने के आधार पर हमारी इस नागरिक याचिका को स्वीकार किया जाए।




