
लॉ स्टूडेंट एवं इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पानोली गिरफ्तार: 'नबी-हूर' वाले बयान पर कोलकाता पुलिस ने गुड़गांव से उठाया, 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बॉलीवुड की चुप्पी पर भी उठाए थे सवाल; BNS की कई धाराओं में केस

इंस्टाग्राम पर सक्रिय और पुणे के सिम्बायोसिस लॉ कॉलेज की छात्रा, शर्मिष्ठा पानोली को 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़े एक कथित विवादास्पद और सांप्रदायिक बयान के मामले में शुक्रवार, 30 मई, 2025 को कोलकाता पुलिस ने हरियाणा के गुड़गांव स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद, शनिवार, 31 मई को, उन्हें कोलकाता की अलीपुर अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। शर्मिष्ठा पर एक विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का आरोप है।
क्या था शर्मिष्ठा पानोली का कथित विवादित बयान?
शर्मिष्ठा पानोली की गिरफ्तारी का आधार उनका एक अब डिलीट किया जा चुका वीडियो है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी की थी और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बॉलीवुड अभिनेताओं की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अपने वीडियो में संभवतः एक पाकिस्तानी यूजर के उस सवाल का जवाब दे रही थीं, जिसमें पूछा गया था कि भारत ने बिना किसी वैध कारण के पाकिस्तान पर गोली क्यों चलाई।
अपने कथित वीडियो में शर्मिष्ठा ने कहा था, "पहले मुझे लगता था कि नबी भ्रमित थे क्योंकि उन्हें लगता था कि स्वर्ग में 72 हूरें उनका इंतजार कर रही होंगी, लेकिन यह महिला (संभवतः पाकिस्तानी यूजर) तो और भी भ्रमित है, उसे लगता है कि भारत ने बिना किसी कारण के गोलीबारी की। क्या तुमने पहलगाम हमले और तुम्हारे देश द्वारा प्रायोजित अन्य आतंकवादियों के बारे में सुना है? क्या हमें जवाबी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? हम अब महात्मा गांधी के भक्त नहीं रहे?"
आरोप है कि शर्मिष्ठा ने इस वीडियो में कुछ अभद्र शब्दों का भी प्रयोग किया था।
इसके अतिरिक्त, एक अन्य वीडियो में, उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर कथित रूप से नरम रुख अपनाने के लिए बॉलीवुड अभिनेता और यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया (BeerBiceps) की भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए आलोचना की थी, जिसे उन्होंने उनका 'पाखंड' बताया था।
शर्मिष्ठा पानोली पर BNS की कई धाराओं में केस
कोलकाता पुलिस के अनुसार, शर्मिष्ठा पानोली के एक इंस्टाग्राम वीडियो द्वारा एक विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने के संबंध में कोलकाता के गार्डन रीच पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने अपने बयान में कहा कि कानून के अनुसार उन्हें नोटिस तामील कराने के सभी प्रयास किए गए, परंतु आरोपी अपने परिवार सहित फरार पाई गईं। इसके पश्चात, सक्षम अदालत द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया, जिसके आधार पर उन्हें शुक्रवार को गुड़गांव से विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत दर्ज की गई है:
- धारा 196(1)(ए): धर्म, मूलवंश, जन्मस्थान, निवास-स्थान, भाषा, जाति या समुदाय या किसी अन्य आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना।
- धारा 299: किसी भी वर्ग के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए कृत्य।
- धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर किसी का अपमान करना।
- धारा 353(1)(सी): ऐसे बयान देना जो सार्वजनिक शरारत या उपद्रव को उकसाते हों।
अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
अलीपुर अदालत द्वारा शर्मिष्ठा पानोली को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (13 जून तक) में भेजे जाने के बाद उनके वकील, मोहम्मद शमीमुद्दीन ने मीडिया को बताया कि उन्होंने अदालत के समक्ष उनकी जमानत याचिका दायर कर दी है और उम्मीद है कि इस पर जल्द सुनवाई होगी।
सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने निलंबित किया
इस मामले के प्रकाश में आने और विवाद बढ़ने के बाद, पुणे स्थित सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (डीम्ड यूनिवर्सिटी) ने भी शर्मिष्ठा पानोली के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। विश्वविद्यालय की प्रो चांसलर, विद्या येरवडेकर ने उनके द्वारा प्रयुक्त भाषा को 'अशोभनीय' बताते हुए कहा था कि शर्मिष्ठा को तीन महीने के लिए सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक गतिविधियों से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट कार्यक्रमों से भी वंचित कर दिया गया है।
यह पूरा विवाद 14 मई, 2025 को तब शुरू हुआ था जब AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने शर्मिष्ठा के एक वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन पर इस्लाम का अपमान करने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया था और उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके अगले दिन, 15 मई को, शर्मिष्ठा ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत माफीनामा भी पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
कोलकाता पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रही उन अटकलों का भी खंडन किया है जिनमें शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी को 'अवैध' बताया जा रहा था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




