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लैंड फॉर जॉब केस: लालू परिवार समेत 41 पर आरोप तय — कोर्ट बोली, “फैमिली ने आपराधिक गिरोह की तरह किया काम”

Aaryan Puneet Dwivedi
9 Jan 2026 11:30 AM IST
लैंड फॉर जॉब केस: लालू परिवार समेत 41 पर आरोप तय — कोर्ट बोली, “फैमिली ने आपराधिक गिरोह की तरह किया काम”
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लैंड फॉर जॉब मामले में लालू यादव परिवार समेत 41 आरोपियों पर कोर्ट ने आरोप तय किए। राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि सरकारी नौकरी के बदले जमीन लेने की साजिश रची गई। अब ट्रायल चलेगा।
  • लैंड फॉर जॉब केस में 41 आरोपियों पर आरोप तय
  • लालू परिवार के खिलाफ ट्रायल का रास्ता साफ
  • कोर्ट बोली — आपराधिक गिरोह की तरह काम किया
  • 52 आरोपियों को किया गया बरी

लैंड फॉर जॉब मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले में 41 आरोपियों पर औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही अब इन सभी के खिलाफ नियमित ट्रायल चलेगा।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

विशेष न्यायाधीश विशाल गोग्ने ने आदेश सुनाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि लालू यादव और उनके परिवार ने एक संगठित आपराधिक गिरोह की तरह काम किया। कोर्ट ने माना कि सरकारी नौकरियों को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर परिवार के नाम अचल संपत्तियां हासिल करने की साजिश रची गई।

किस आधार पर आरोप तय हुए?

अदालत ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर यह संदेह से परे है कि 2004 से 2009 के बीच, जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे की ग्रुप-D नौकरियों के बदले जमीनें ट्रांसफर कराई गईं। इस केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है।

41 पर आरोप, 52 को राहत

कोर्ट ने इस मामले में कुल 41 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और 13(1)(d) के तहत आरोप तय किए हैं। वहीं, 52 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

अब आगे क्या होगा?

आरोप तय होने के बाद अब इस मामले में ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी। ट्रायल के दौरान गवाहों की गवाही, दस्तावेजों की जांच और दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। इसके बाद कोर्ट अंतिम फैसला सुनाएगी।

लालू यादव के पास क्या विकल्प?

कानूनी जानकारों के अनुसार, लालू यादव और अन्य आरोपी निचली अदालत के इस आदेश के खिलाफ उच्च अदालत में अपील कर सकते हैं। हालांकि, फिलहाल ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी।

CBI की चार्जशीट में क्या कहा गया?

CBI का आरोप है कि 2004-2009 के बीच मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर रेलवे जोनों में ग्रुप-D की नौकरियां दी गईं। इसके बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीनें लालू परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम ट्रांसफर कराई गईं।

जमीन सौदे को लेकर गंभीर आरोप

जांच एजेंसी का दावा है कि बिहार में 1 लाख स्क्वायर फीट से अधिक जमीन महज 26 लाख रुपए में ली गई, जबकि उस समय इसका सर्किल रेट करीब 4.39 करोड़ रुपए था। कई मामलों में जमीन देने वालों को कैश भुगतान किए जाने का भी आरोप है।

लालू परिवार के किन सदस्यों पर आरोप?

इस केस में सिर्फ लालू यादव ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव और बेटियां मीसा भारतीहेमा यादव भी आरोपी हैं। CBI का कहना है कि सभी को नाममात्र कीमत पर जमीन ट्रांसफर की गई।

FAQs — Land for Job Case

लैंड फॉर जॉब केस क्या है?

  • CBI का आरोप है लालू के रेल मंत्री (2004 से 2009) रहते हुए लैंड फॉर जॉब स्कैम हुआ था।
  • लालू परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराई गई।
  • जमीनों के बदले ये नौकरियां मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर जोन में दी गईं।
  • लालू के परिवार ने बिहार में 1 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा जमीन महज 26 लाख रुपए में हासिल कर ली।
  • उस समय के सर्कल रेट के अनुसार जमीन की कीमत करीब 4.39 करोड़ रुपए थी।
  • कम पैसों में जमीन लेने के बाद ज्यादातर केस में जमीन मालिक को कैश में भुगतान किया गया।

अब केस किस स्टेज पर है?

आरोप तय हो चुके हैं, अब नियमित ट्रायल चलेगा।

लैंड फॉर जॉब्स मामले में किसकी क्या भूमिका

  1. लालू यादव - रेलमंत्री थे, उसी दौरान घोटाला हुआ था।
  2. राबड़ी, मीसा और हेमा - सभी के नाम पर रेलवे में नौकरी के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स से जमीन ट्रांसफर कराने का आरोप है। मेसर्स एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इस खेल में शामिल थीं।
  3. तेजस्वी यादव - आरोप है कि दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में 150 करोड़ का बंगला उन्होंने सस्ते दाम में खरीदा। बताया जाता है कि इसे भी रेलवे में नौकरी के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट से लिया गया।
  4. हृदयानंद चौधरी -
    राबड़ी देवी की गौशाला का पूर्व कर्मचारी है, इसने नौकरी के बदले एक कैंडिडेट से जमीन ली, फिर लालू यादव की बेटी हेमा को गिफ्ट की।
  5. अमित कात्याल - लालू परिवार के लिए कंपनियां बनाईं। बाद में मामूली राशि लेकर कंपनियों के शेयर लालू परिवार को दिए। ईडी ने गिरफ्तार किया था।

क्या सभी आरोपी दोषी माने गए हैं?

नहीं, फिलहाल केवल आरोप तय हुए हैं। दोष या निर्दोष का फैसला ट्रायल के बाद होगा।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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