
लॉकडाउन की खबरों पर विराम: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू बोले- 'हालात काबू में, नहीं लगेगा देश में लॉकडाउन'

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच भारत में लॉकडाउन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों पर केंद्र सरकार ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। शुक्रवार सुबह संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि देश की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
किरेन रिजिजू का बड़ा बयान: 'हालात काबू में हैं'
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, "सप्लाई चैन और आर्थिक चुनौतियों को लेकर सरकार सतर्क है, लेकिन देश में लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो।" यह बयान उन चर्चाओं के बाद आया है जिनमें वैश्विक संकट को देखते हुए पाबंदियों की आशंका जताई जा रही थी।
पीएम मोदी का 'कोरोना मॉडल' और राज्यों को संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिन पहले लोकसभा में देश को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही थी। उन्होंने कहा था कि आने वाला समय देश के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है। पीएम ने स्पष्ट किया था कि जिस तरह भारत ने एकजुट होकर कोरोना महामारी का सामना किया था, ठीक उसी तरह हमें इस वैश्विक संकट से भी निपटना होगा। उन्होंने इसे 'टीम इंडिया' की भावना से लड़ने वाली लड़ाई बताया और राज्यों के सहयोग को अनिवार्य बताया है।
आज शाम मुख्यमंत्रियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग
वैश्विक हालातों और सप्लाई चैन पर पड़ने वाले असर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करेंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से ईरान-मिडल ईस्ट संकट के बाद पैदा हुए आर्थिक हालातों और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर चर्चा होगी। हालांकि, जिन राज्यों में वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया चल रही है, वहां के मुख्यमंत्री इस बैठक का हिस्सा नहीं होंगे।
सप्लाई चैन और ईंधन की स्थिति: सरकार का भरोसा
युद्ध के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) की कीमतों और आपूर्ति में बाधा आई है, लेकिन भारत सरकार ने राहत भरी जानकारी दी है। बीते कुछ दिनों में कच्चे तेल, गैस और फर्टिलाइजर से लदे कई जहाज भारतीय बंदरगाहों पर सुरक्षित पहुंच चुके हैं। सरकार की पहली प्राथमिकता यह है कि देश के भीतर रसोई गैस, पेट्रोल और खेती के लिए जरूरी खादों की कमी न होने पाए। प्रधानमंत्री ने कहा है कि जब तक संभव होगा, हम आपूर्ति को सामान्य बनाए रखेंगे, चाहे वैश्विक परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों।
आर्थिक संकट की आशंका और तैयारी
सरकार ने स्वीकार किया है कि अगर वैश्विक स्तर पर यह युद्ध लंबे समय तक खिंचता है, तो इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा। भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा, जिससे भविष्य में बड़े आर्थिक और सप्लाई संकट पैदा हो सकते हैं। यही कारण है कि केंद्र सरकार 'प्री-एम्पटिव' मोड में काम कर रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति के लिए स्टॉक और फंड तैयार रखे जा सकें।
फिलहाल देशवासियों के लिए राहत की बात यही है कि सरकार किसी भी तरह के लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है। प्रशासन का पूरा ध्यान महंगाई को रोकने और सप्लाई चैन को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। जनता से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
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