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कबाड़ से जुगाड़: आपके पास खचाड़ा कार है? जब नई कार खरीदेंगे तो 1.50 लाख का फायदा होगा, आइये जानते हैं कैसे

Abhijeet Mishra
25 Nov 2021 12:02 PM GMT
कबाड़ से जुगाड़: आपके पास खचाड़ा कार है? जब नई कार खरीदेंगे तो 1.50 लाख का फायदा होगा, आइये जानते हैं कैसे
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कार स्क्रैप पॉलिसी 

Scrap Policy: खचाड़ा कार बेचने से ज़्यादा अच्छा ऑप्शन है उसे स्क्रैप कराना, फायदा कैसे होगा ये हम बताए देते हैं।

Scrap Policy: आपने केंद्र सरकार की स्क्रैप पॉलिसी (Vehicle scrappage policy) के बारे में तो सुना ही होगा और अगर नहीं भी सुना है तो आज हम बताए देते हैं क्या ही दिक्क्त है। वैसे लोग यही सोचते हैं की गाडी अगर खचाड़ा हो गई है तो इसे या किसी गरीब भोले-भाले आदमी को चिपका देते हैं या फिर कबाड़ी को बेच देते हैं। लेकिन कबाड़ से भी बढ़िया जुगाड़ वाली स्क्रैप पॉलिसी (Vehicle scrappage policy) से आप ज़्यादा फायदा उठा सकते हैं। अगर आप अपनी कार स्क्रैप में देते हैं तो आपको एक डिस्ट्रक्शन सर्टिफिकेट मिलेगा और जब आप नई कार खरीदने जाएंगे तो एक्स-शो-रूम की कीमत में 5% डिस्काउंट मिल जाएगा। मतलब अगर कार 15 लाख की है तो आपको बिना जुगाड़ लगाए 75 हज़ार का डिस्काउंट मिल जाएगा। और रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं लगेगी

इसको बढ़िया एक उदाहरण से समझते हैं ओके: मान लीजिए आपने ने अपनी कार को 10 साल तक खूब रगड़ के चलाया और इसके बाद स्क्रैप पॉलिसी के तहत अब आपको उसे स्क्रैप में देना होगा, उसे कोई खरीदेगा नहीं, तो गाडी कबाड़ में ही जाएगी। अगर आप अपनी कार को स्क्रैप करा कर कोई नई कार खरीदते हैं तो सीधा 5% का डिस्काउंट मिल जाएगा। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं लगेगी, मतलब आपके 1 से डेढ़ लाख रुपए बचने ही बचने हैं भाई।

नॉएडा में रिसाइकिल यूनिट खुल भी गई

देश के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नोएडा में पुरानी गाड़ियों को रीसाइलकिल करने की एक यूनिट की शुरुआत कर दी है। ये स्क्रैप सेंटर टोयोटा और मारुती की गाड़ियों के लिए खोला गया है इसे बनाने में 44 करोड़ रुपए खर्चा हुआ है।

अपनी कार को स्क्रैप में कैसे बेचें (How to sell old car in Scrap)

स्क्रैप पॉलिसी के तहत 10 से 15 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप किए जाने का नियम बनाया गया है। अगर इसके बाद भी गाड़िया चलने लायक है तो उसका फिटनेस टेस्ट किया जाएगा, सभी कारों का फिटनेस टेस्ट हर साल होगा, और जो गाडी अनफिट रही वो तो कबाड़ में जाएगी।

सरकार ने व्हीलर स्क्रैप पॉलिसी को वॉलेंट्री व्हीकल मोर्डनाइज़ेशन प्रोग्राम (vvmp) नाम दिया है. अगर किसी की कार फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है तो देश भर में मौजूद 60 से 70 स्क्रैप सेंटर में से किसी एक में भेज देनी पड़ेगी। देश के बड़े शहरों में स्क्रैप सेंटर खुलेगें। और अगर आपके शहर में स्क्रैप सेंटर नहीं होगा तो दूसरे नज़दीकी शहर में आपको अपनी गाडी ले जानी होगी।

क्या करना होगा (Car Scrap Policy)

आपको अपनी कार से जुड़े दस्तावेज स्क्रैपिंग सेंटर में दिखाने होंगे, इतना करने के बाद स्क्रैप सेंटर वाला आपकी गाडी को कुचल कर ख़त्म कर देगा। और आपकी गाडी के पार्ट्स अगल कर देगा। जिन पार्ट्स को काम मन लिया आ सकता है उसे रख लेगा बाकी मशीन के अंदर डाल कर उसका कचूम्मर बना देगा। कोई पार्ट आपको नहीं लौटाया जाएगा वो स्क्रैप वाला रख लेगा। जब आपकी गाडी का कचूमड़ सलाद बन जाएगा तो आप अपने डॉक्युमेंट्स वापस ले लीजियेगा। इसी के साथ चेसिस नंबर की प्लेट भी वापस लेते आइयेगा।

एक सेर्टिफिकेट मिलेगा (Destruction Certificate)

जब आपकी गाडी आपके आँखों से सामने ख़त्म कर दी जाएगी उसके बदले आपको एक सर्टिफिकेट दिए जाएगा , जिसमे गाडी की डिटेल्स लिखी होंगी। जब आप नई चकाचक कार खरीदने जाएगें तो वही सर्टिफिकेट एजेंसी वालों के सामने रख दीजियेगा और आपको नई गाडी की एक्स-शोरूम प्राइज़ पर 5% का डिस्काउंट मिल जाएगा और रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं लगेगी। आपको उस डिस्ट्रक्शन सर्टिफिकेट को अपने जिले के RTO ले जाना होगा उसके बाद आपकी गाडी का परमिट केन्सिल कर दिया जाएगा ताकि भविष्य में आपकी गाडी नंबर का इस्तेमाल कर के अगर कोई बकैती करे तो आप के ऊपर कोई दिक्क्त ना आये।



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