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JNU Violence : दिल्‍ली पुलिस ने जारी की तस्‍वीरें, संदिग्‍धों में छात्र संघ अध्‍यक्ष Aishi Ghosh भी शामिल

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:41 AM IST
JNU Violence : दिल्‍ली पुलिस ने जारी की तस्‍वीरें, संदिग्‍धों में छात्र संघ अध्‍यक्ष Aishi Ghosh भी शामिल
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नई दिल्‍ली। JNU परिसर में हुई हिंसा को लेकर दिल्‍ली पुलिस ने अहम खुलासा किया है। पुलिस ने प्रेस वार्ता में CCTV फुटेज से ली गईं तस्‍वीरें जारी की गई हैं। इसमें जो संदिग्‍ध हैं, उनमें छात्र संघ अध्‍यक्ष आईशी घोष भी शामिल हैं। अन्‍य संदिग्‍धों में AISI एक्टिविस्‍ट चुनचुन हैं जिन्‍हें पथराव करते देखा जा सकता है। इसके बाद प्रिया रंजन हैं, जो जेएनयू के मांडवी होस्‍टल की हैं। वह स्‍कूल ऑफ लैंग्‍वेज एंड कल्‍चर स्‍टडीज की छात्रा है। अगली छात्रा सुचेता तालुकदार हैं जो स्‍कूल ऑफ सोशल साइंस की काउंसलर हैं।

JNU परिसर में पिछले रविवार को हुई हिंसा की घटना को लेकर दिल्‍ली पुलिस ने प्रेस वार्ता की। पुलिस ने बताया है कि पूरे मामले को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। दिल्ली पुलिस डीसीपी / क्राइम, डॉ. जॉय तिर्की और दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने बताया कि जेएनयू हिंसा की घटना के संबंध में दर्ज आपराधिक मामलों की जांच क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। लेकिन अभी तक यह देखा गया है कि इन मामलों से संबंधित बहुत सी गलत सूचना प्रसारित की जा रही है। घटना को लेकर पुलिस ने संदिग्‍धों की तस्‍वीरें जारी की हैं जो कि सीसीटीवी कैमरे से ली गईं हैं।

घटना की जांच की जानकारी साझा की जा रही है। जेएनयू हिंसा में छात्र शामिल हैं। रजिस्‍ट्रेशन का विरोध किया जा रहा था। लेफ्ट छात्र संगठन के खिलाफ हैं। संगठन के छात्र अन्‍य छात्रों को धमका रहे थे। सर्वर को लेकर पुलिस को शिकायत मिली थी।

अभी तक की जांच में यह पता चला है कि कुल चार छात्र संगठनों ने परिसर में हमला किया था। सर्वर को काफी नुकसान पहुंचाया गया है। किसी बाहरी व्‍यक्ति को इतनी जानकारी नहीं हो सकती। सुरक्षा गार्ड से भी मारपीट हुई है। पुलिस ने इस मामले में कुल 3 केस दर्ज किए हैं।

3 और 4 जनवरी को घटना के बाद से यहां सीसीटीवी कैमरे बंद हैं, इसलिए फुटेज नहीं मिल पा रहे हैं। घटना के संबंध में सोशल मीडिया के मैसेजेस और वीडियो पर भी पुलिस नजर रख रही है।

पुलिस ने बताया कि जेएनयू प्रशासन ने 1-5 जनवरी से छात्रों के ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन के लिए जाने का फैसला किया। जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन, स्टूडेंट्स फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन इसके खिलाफ थे।

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