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इंडिगो की 200 फ्लाइट्स रद्द: क्रू की कमी से तीसरे दिन बड़ा संकट, देशभर के एयरपोर्टो में यात्री परेशान

Aaryan Puneet Dwivedi
4 Dec 2025 10:40 AM IST
इंडिगो की 200 फ्लाइट्स रद्द: क्रू की कमी से तीसरे दिन बड़ा संकट, देशभर के एयरपोर्टो में यात्री परेशान
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इंडिगो एयरलाइन लगातार तीसरे दिन बड़े ऑपरेशनल संकट से जूझ रही है। क्रू की कमी, FDTL नियम, खराब मौसम और तकनीकी दिक्कतों के कारण दिल्ली सहित देशभर में 170+ उड़ानें रद्द। DGCA ने जवाब मांगा। यात्रियों के लिए जरूरी सलाह।
• देशभर में इंडिगो की फ्लाइट्स पर भारी असर—170 से अधिक उड़ानें रद्द होने की संभावना
• दिल्ली से 30+ उड़ानें नहीं उड़ीं, हैदराबाद में 33 कैंसिल, कई एयरपोर्ट्स पर लंबी कतारें
• क्रू की भारी कमी, FDTL नियम, शेड्यूलिंग गड़बड़ी और तकनीकी चुनौतियों के कारण संकट

• DGCA ने इंडिगो को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, शुक्रवार तक हालात सुधरने के संकेत

IndiGo Operational Crisis | लगातार तीसरे दिन उड़ानें रद्द, यात्री परेशान

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) गुरुवार को लगातार तीसरे दिन गंभीर परिचालन संकट से जूझती दिखाई दी। क्रू की कमी, नए FDTL नियम, तकनीकी दिक्कतें और खराब मौसम के चलते उड़ानों की रफ्तार थमी हुई है।

गुरुवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना होने वाली इंडिगो की 30 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। यात्रियों ने पूरी रात एयरपोर्ट पर बिताई। कई लोग सुबह होने के बाद भी फ्लाइट बोर्ड नहीं कर पाए। अन्य बड़े एयरपोर्ट जैसे हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और चेन्नई पर भी हज़ारों यात्री फंसे रहे।

Nationwide Impact | कई शहरों में स्थिति गंभीर

इंडिगो ने देशभर में एक दिन में करीब 2300 उड़ानें ऑपरेट करनी होती हैं, लेकिन इस समय स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। मंगलवार और बुधवार को मिलाकर इंडिगो की लगभग 200 उड़ानें रद्द हुईं। गुरुवार को भी 170+ फ्लाइट्स कैंसिल होने की आशंका है।

शहरों में रद्द उड़ानें (पिछले 48 घंटे)

• दिल्ली – 38
• बेंगलुरु – 42
• मुंबई – 33
• हैदराबाद – 19
• अहमदाबाद – 25
• इंदौर – 11
• कोलकाता – 10
• सूरत – 8

इन सभी कैंसिलेशन की वजह से हजारों यात्री फंसे, कई मुसाफिरों ने एयरपोर्ट पर रात काटी और सोशल मीडिया पर एयरलाइन की कड़ी आलोचना की।

Passengers Suffer | एयरपोर्ट पर हड़कंप, लंबी कतारें

दिल्ली एयरपोर्ट पर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें दिखाई दीं। यात्रियों ने शिकायत की कि इंडिगो की वेबसाइट और ऐप सही जानकारी नहीं दे रहे। कोलकाता और चेन्नई में भी यात्रियों को 3–6 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया कि **स्टाफ उपलब्ध नहीं है**, और ग्राउंड टीम भी दबाव में काम कर रही है।

IndiGo Statement | शुक्रवार तक हालात सामान्य करने का दावा

इंडिगो ने अपने बयान में कहा— “तकनीकी खराबी, सर्दियों के शेड्यूल में बदलाव, खराब मौसम, एविएशन नेटवर्क में स्लो रिस्पॉन्स और नए FDTL नियमों के चलते ऑपरेशन प्रभावित हुए हैं। इसका पहले से अनुमान लगाना मुश्किल था।” कंपनी ने कहा कि 48 घंटों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

DGCA Notice | डीजीसीए ने जवाब मांगा, जांच शुरू

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो से मौजूदा स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। DGCA का कहना है कि— “क्रू की कमी और नए नियमों का पालन न कर पाने के चलते इंडिगो में व्यापक रद्दीकरण और देरी हुई है।” नवंबर में इंडिगो की 1232 फ्लाइट्स रद्द हुई थीं। मंगलवार को ही 1400 उड़ानें देरी से चलीं।

What is Causing Crew Shortage? | क्रू की भारी कमी क्यों?

इंडिगो का कहना है कि नए FDTL नियमों के कारण उसके क्रू और पायलट शेड्यूल पर बड़ा असर हुआ है। क्रू के चार्ट बदलने से कई रूट्स पर क्रू उपलब्ध नहीं हो पाए, और उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

What is FDTL Rule? | FDTL नियम क्या है?

Flight Duty Time Limitation (FDTL) DGCA द्वारा लागू एक नियम है, जिसमें पायलट और क्रू की ड्यूटी अवधि, आराम समय और उड़ान सीमाएं तय की गई हैं। यह नियम पायलटों की सुरक्षा, हेल्थ और थकान को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

1 नवंबर से लागू दूसरा चरण – बड़े बदलाव

• रोजाना उड़ान भरने का समय 8 घंटे कर दिया गया
• नाइट लैंडिंग 6 से घटकर 2 रह गई
• 24 घंटे में क्रू को कम से कम 10 घंटे आराम
• कई रूट्स पर ड्यूटी-ऑवर घटने से अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत

इंडिगो का कहना है कि इस बदलाव के बाद उसके **शेड्यूलिंग सॉफ्टवेयर और स्टाफिंग प्लान** पर असर पड़ा है, जिससे रूट-वाइज क्रू उपलब्ध नहीं हो पा रहा।

ALPA & Pilot Groups Reaction | पायलट संगठनों ने क्या कहा?

ALPA (Airline Pilots Association of India) ने कहा— “इंडिगो में क्रू की कमी की वजह एयरलाइन की खुद की प्लानिंग की कमी है। यह परिस्थितियाँ कंपनी की रिसोर्स मैनेजमेंट की नाकामी दिखाती हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियाँ DGCA पर दबाव बनाने की कोशिश में संकट को बड़ा दिखा रही हैं।

Why IndiGo Matters Most | क्यों इस संकट से पूरा देश प्रभावित?

इंडिगो देश में 60% घरेलू उड़ानों को ऑपरेट करती है। इसके पास—
• 434 विमान
• 5456 पायलट
• 10212 केबिन क्रू
• कुल 41,000+ कर्मचारी

जब इतनी बड़ी एयरलाइन एक साथ संकट में आती है, तो पूरा एविएशन नेटवर्क प्रभावित हो जाता है।

Passengers Advisory | यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

1. एयरपोर्ट जल्दी पहुँचे - मैनुअल चेक-इन और सिक्योरिटी लाइन्स में 25–40 मिनट अतिरिक्त लग रहे हैं।

2. फ़्लाइट स्टेटस खुद चेक करें - ऐप/वेबसाइट पर लाइव स्टेटस देखें, क्योंकि SMS/Email कई बार नहीं मिल पा रहे।

3. फ्लाइट कैंसिल होने पर विकल्प
• फुल रिफंड
• अगली उपलब्ध फ्लाइट की रीबुकिंग
• कुछ एयरलाइंस वाउचर भी देती हैं

4. कनेक्टिंग फ्लाइट यात्रियों के लिए चेतावनी
ओवरलैप या मिस्ड कनेक्शन की संभावना अधिक। री-रूटिंग के लिए कस्टमर सपोर्ट से संपर्क करें।

FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इंडिगो में फ्लाइट कैंसिल क्यों हो रही हैं?

क्रू की कमी, नए FDTL नियम, शेड्यूलिंग दिक्कतें, खराब मौसम और तकनीकी चुनौतियों के कारण।

क्या आने वाले दिनों में स्थिति सुधरेगी?

इंडिगो का दावा है कि 48 घंटों में ऑपरेशन स्थिर हो जाएंगे।

DGCA क्या कर रहा है?

DGCA ने नोटिस भेजकर योजना और समाधान की जानकारी मांगी है।

क्या यात्रियों को रिफंड मिल सकता है?

हाँ, फ्लाइट कैंसिल होने पर फुल रिफंड या रीबुकिंग का विकल्प मिलता है।

क्या केवल इंडिगो ही प्रभावित है?

संकट सबसे ज्यादा इंडिगो में है, लेकिन कुछ अन्य एयरलाइंस भी दबाव में आईं हैं।

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi

Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.

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