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Oscar 2023 के लिए नॉमिनेट हुई इंडियन डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'All That Breathes' को सिर्फ 10 लोगो ने मिलकर बनाया है

Oscar 2023 के लिए नॉमिनेट हुई इंडियन डॉक्यूमेंट्री फिल्म All That Breathes को सिर्फ 10 लोगो ने मिलकर बनाया है
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All That Breathes को Oscars 2023 के लिए Best Documentary Film के लिए नॉमिनेट किया गया है

All That Breathes: Oscars 2023 की नॉमिनेशन लिस्ट सामने आ गई है. वाकई यह हिंदुस्तान में रहने वाले लोगों के लिए गर्व की बात है कि दुनियाभर की 301 फ़िल्मों और डॉक्युमेंट्रीज़ में से RRR, All That Breathes और The Elephant Whisperers जैसी भारतीय फिल्म और दो डॉक्युमेंट्रीज़ को ऑस्कर 2023 के लिए नोमिनेट किया गया है.

RRR को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग के लिए, The Elephant Whisperers को Documentary Short Subject category और All That Breathes को Best Documentary फिल्म के लिए नॉमिनेशन मिला है. All That Breathes एक बेहद कम बजट और कम वक़्त में पूरी होने वाली दो भाइयों की प्यारी सी कहानी है जो अपने घर के पीछे घायल पक्षियों के इलाज के लिए पूरा अस्पताल खोल देते हैं. आइये जानते हैं सिर्फ 10 लोगों ने मिलकर कैसे बना दी ऑस्कर लेवल की डॉक्यूमेंट्री फिल्म?

Making Of All That Breathes

शौनक सेन द्वारा निर्देशित All That Breathes एकेडमी अवॉर्ड से पहले कॉन्स फिल्म फेस्टिवल में अपना जलवा बिखेर चुकी है. तमाम उतार चढ़ाव के बाद ये डॉक्युमेंट्री तैयार हुई और इतिहास रच दिया. ऑस्कर में मिले फिल्म की नॉमिनेशन को लेकर इसके प्रोड्यूसर अमन मान ने इस संबंध में खास बातें साझा की हैं.

अमन ने कहा- फिल्म की शुरुआत से ही उन्हें और उनकी टीम को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इनमें सबसे पहली दिक्कत थी कोविड 19 . बिना बट के इस फिल्म का पूरा होना किसी सपने जैसा लग रहा . हिम्मत जुटा कर फिल्म तैयार की गई. इसके बाद फिल्म को कान्स फिल्म फेस्ट में सराहा गया और अब एकेडमी में ऑफिशियल नॉमिनेशन मिला है.

इस फिल्म की मेकिंग में क्रू के नामपर सिर्फ 2 लोग थे, फिल्म की शुरुआत में क्रू के नाम पर फिल्म के परड्यूसर और डायरेक्टर, कैमरा और एक माइक था. फिल्म के लिए बजट तक नहीं था.

All That Breathes की कहानी

ये फिल्म दो भाइयों की कहानी है, जो अपने घर के बेसमेंट में रहते हैं. वह पक्षियों से काफी जुड़े हुए रहते हैं मगर जब किसी पंछी को घायल देखते हैं तो उसका दर्द उन्हें भी महसूस होता है. उन बेबस, बेजुबान पक्षियों के इलाज के लिए दोनों भाई अपने बेसमेंट में पूरा का पूरा ऑपरेशन थिएटर खोलकर रख देते हैं और अपनी क्रिएटिविटी से घायल पंछियो को वापस उड़ने योग्य बना देते हैं.


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