
ईरान संकट में फंसे भारतीयों की घर वापसी शुरू: आज तेहरान से दिल्ली पहुंचेगा पहला विमान | Latest Update 2026

- आज तेहरान से दिल्ली के लिए रवाना होगा पहला भारतीय विमान
- ईरान में फंसे सभी भारतीय छात्रों का रजिस्ट्रेशन पूरा
- करीब 10,000 भारतीय नागरिक ईरान में मौजूद
- विदेश मंत्रालय ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर और एडवाइजरी
ईरान में जारी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आज यानी शुक्रवार को पहला विशेष विमान तेहरान से नई दिल्ली के लिए रवाना होगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान के कई हिस्सों में हालात बेहद अस्थिर बने हुए हैं और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के अनुसार, ईरान में पढ़ रहे सभी भारतीय छात्रों का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया गया है। भारतीय दूतावास ने छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी और पासपोर्ट एकत्र कर लिए हैं। पहले बैच के छात्रों को शुक्रवार सुबह 8 बजे तक पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है।
कौन, क्यों और कहां – Who, Why & Where
इस एयरलिफ्ट ऑपरेशन में मुख्य रूप से वे भारतीय छात्र शामिल हैं जो गोलेस्तान यूनिवर्सिटी, शाहिद बहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ाई कर रहे हैं। देर रात तक पहले बैच की फाइनल लिस्ट साझा की जाएगी।
ईरान में इस समय करीब 10,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें से लगभग 2,500 से 3,000 छात्र हैं। इनमें अधिकतर मेडिकल की पढ़ाई के लिए वहां गए थे। हालात बिगड़ने के बाद इन छात्रों और उनके परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही थी।
क्या है पूरा मामला – What is Happening in Iran
ईरान में बीते महीने से सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज होते जा रहे हैं। देश की मुद्रा रियाल के ऐतिहासिक रूप से गिरने के बाद शुरू हुए ये प्रदर्शन अब ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। कई जगहों पर हिंसक झड़पें हुई हैं, सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं।
अमेरिकी संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार अब तक 2,550 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकारी पक्ष से जुड़े लोग शामिल हैं। वहीं, ईरान इंटरनेशनल वेबसाइट का दावा है कि मरने वालों की संख्या 12,000 तक पहुंच चुकी है। अधिकतर लोगों की मौत गोली लगने से हुई है।
भारत सरकार का फैसला – How India Responded
इन हालातों को देखते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को ईरान न जाने की सलाह जारी की है। साथ ही वहां मौजूद भारतीयों को सतर्क रहने, अपने पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज हमेशा साथ रखने को कहा गया है।
भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके: +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359 ईमेल: [email protected]
जो भारतीय नागरिक अब तक दूतावास में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं, उनसे अनुरोध किया गया है कि वे इस लिंक के जरिए तुरंत पंजीकरण करें: meaers.com अगर ईरान में इंटरनेट बाधित है, तो भारत में मौजूद उनके परिवारजन उनकी ओर से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
जयशंकर-ईरान विदेश मंत्री वार्ता – Diplomatic Move
बुधवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई। इस दौरान ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार की प्राथमिकता वहां फंसे हर भारतीय की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा जारी रखती है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इस बयान ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है और भारत समेत कई देशों को अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सक्रिय कदम उठाने पड़े हैं।
भारत की एयरलिफ्ट रणनीति – What Happens Next?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक उड़ान तक सीमित ऑपरेशन नहीं है। जरूरत पड़ने पर आने वाले दिनों में कई और विशेष विमान भेजे जाएंगे। प्राथमिकता छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को दी जाएगी। भारतीय दूतावास हर छात्र और नागरिक से लगातार संपर्क में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऑपरेशन भारत की उस नीति को दर्शाता है जिसमें विदेशों में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इससे पहले यूक्रेन, अफगानिस्तान और सूडान से भी इसी तरह भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया था।
क्यों जरूरी है यह कदम – Why This Evacuation Matters
ईरान में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं, कई शहरों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं और हिंसा की खबरें रोज सामने आ रही हैं। ऐसे में वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी असुरक्षित हो गई है। यही कारण है कि सरकार ने समय रहते एयरलिफ्ट का फैसला लिया।
यह कदम न सिर्फ छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संकट की घड़ी में भारत अपने नागरिकों को अकेला नहीं छोड़ता।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




