
घर में रखे हैं किरायेदार तो हो जायें सावधान, पुलिस को नहीं दी जानकारी तो धारा 188 के तहत होगी कार्यवाही

किसी भी ऐरे-गैरे को किराए पर घर दे देना, या कमरा दे देना नियम विरुद्ध है। कई बार यह लापरवाही मकान मालिक पर भी भारी पड़ जाती है। आवश्यक है कि किराए पर कमरा देने के पूर्व किराएदार की पूरी जानकारी लेते हुए कागजात एकत्र कर ले। वही नियम के मुताबिक किराएदार की सूचना थाने में जरूर दे।
रतलाम में की जा रही कार्रवाई
जानकारी के अनुसार इस समय रतलाम पुलिस अपने-अपने थाना क्षेत्र के मकान मालिक और किरायेदारों की कुंडली खंगाल रही है। इसके पूर्व कलेक्टर तथा एसपी द्वारा यह निर्देश जारी किया गया था कि सभी मकान मालिक जिन्होंने अपना घर, दुकान किराए पर दे रखा है उसकी जानकारी थाने मे आकर दे। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने यह जानकारी नहीं दी।
पुलिस ने शुरू की कार्यवाही
घर मकान किराए पर देने के बाद भी लोगों द्वारा पुलिस को सूचना नहीं दी जा रही है। ऐसे में गुरुवार को शहर के चार थाना क्षेत्र की पुलिस ने कई दुकान और मकान मालिक को पर धारा 188 के तहत कार्यवाही की गई है। साथ ही कई लोगों को कहा गया है कि वह समय पर पुलिस को सूचना दें।
आखिर ऐसा क्यों कर रही पुलिस
पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई किराएदार की सही जानकारी एकत्र करने के लिए है। क्योंकि कई बार देखा गया है कि मकान मालिक को किराएदार कागजात देते हैं। लेकिन वह फर्जी होता है। किसी भी वारदात के समय जब उनकी जानकारी एकत्र की जाती है और मकान मालिक द्वारा किराएदार के दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं। उस समय जांच करने पर पता चलता है कि सारे दस्तावेज फर्जी हैं।
लेकिन अगर समय पर किराएदार के किराए पर मकान लेते समय ही कागजात लेकर थाने में जमा कर दिए जाएं। थाने की पुलिस कागजातों की जांच करवा लेती है। जिससे यह स्पष्ट हो जाता है की आधार द्वारा दी गई जानकारी सही है।




