
Weather Alert 2026 — 5, 6, 7 जनवरी को भारी बारिश, IMD Big Update

Weather Alert 2026
देश भर में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। जहां कई राज्यों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर जारी है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
5, 6 और 7 जनवरी के दौरान बादल तेजी से सक्रिय रहेंगे और कई जगहों पर सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। यह बदलाव न सिर्फ तापमान को प्रभावित करेगा, बल्कि यात्रा, खेती, ट्रैफिक और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर दिखाएगा।
5, 6 और 7 जनवरी को बारिश क्यों बढ़ेगी?
IMD के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं लगातार सक्रिय हैं। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। इन दोनों सिस्टम के मिल जाने से बादलों का घनत्व बढ़ता है और कई क्षेत्रों में तेज बारिश का दौर शुरू हो जाता है।
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
IMD ने चेतावनी जारी की है कि इन राज्यों में 5, 6 और 7 जनवरी के दौरान बारिश का जोर ज्यादा रहेगा:
- केरल
- हिमाचल प्रदेश
- तमिलनाडु
- कर्नाटक
- अरुणाचल प्रदेश
- सिक्किम
- पश्चिम बंगाल
- जम्मू-कश्मीर
- अंडमान-निकोबार
- पुडुचेरी और कराईकल
कुछ इलाकों में बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
केरल — लगातार क्यों बरस रहे हैं बादल?
मानसून खत्म होने के बाद भी केरल में नमी और समुद्री हवाएँ सक्रिय रहती हैं। इसी कारण यहां रुक-रुककर बारिश जारी रहती है। अब 5, 6 और 7 जनवरी के दौरान कई जिलों में IMD ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश — बारिश के साथ पहाड़ी खतरे
हिमाचल में पहले ही ठंड का असर काफी ज्यादा है। लगातार हो रही बारिश के कारण:
- भूस्खलन (Landslide) का खतरा
- पहाड़ी रास्तों पर फिसलन
- टूरिस्ट एरिया में भीड़ पर असर
लोगों को अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
यात्रियों, किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी एडवाइजरी
- बारिश के समय ऊँचे पुल और पानी भरे क्षेत्रों से बचें
- बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे न खड़े हों
- किसान फसल को ढककर रखें
- पानी निकासी की व्यवस्था देखें
- बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाएं
न्यूनतम तापमान — क्या होगा असर?
बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी।
उत्तर भारत में ठंड और शीतलहर का प्रभाव और तेज महसूस हो सकता है।
FAQs
नोट: यह जानकारी मौसम विभाग के अनुमानों और सामान्य मौसम पैटर्न पर आधारित है — स्थिति बदलने पर स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।




