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किसानों को सरकार देने जा रहे ई-नाम, किसान होगे मजबूत, योजनाएं होंगी पारदर्शी

PM Kisan Samman Nidhi Yojana
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देश के किसानों को मजबूर करने की दिशा में सरकार प्रयासरत है। चाहे केंद्र सरकार हो या प्रदेशों की राज्य सरकारें सभी किसानी को लाभ का धंधा बनाने के लिए नई नई योजनाएं ला रहे हैं।

देश के किसानों को मजबूर करने की दिशा में सरकार प्रयासरत है। चाहे केंद्र सरकार हो या प्रदेशों की राज्य सरकारें सभी किसानी को लाभ का धंधा बनाने के लिए नई नई योजनाएं ला रहे हैं। लेकिन हाल के दिनों में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के लिए इ-नाम लेकर आए हैं। इ-नाम का मतलब राष्ट्रीय कृषि बाजार है। इसे अंग्रेजी में "ई नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट" है। यह अपने नाम से अपने काम को प्रदर्शित कर रहा है। इनाम के माध्यम से सरकार भारत के कृषि उत्पादों, कृषि व्यवसाय और अन्य जुड़े हुए मामलों पर अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास कर रही है।

डिजिटल कृषि को मिलेगा बढ़ावा

नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि देश में डिजिटल कृषि को बढ़ावा देना कृषि क्षेत्र के विकास के लिए बहुत आवश्यक है। डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने से किसानों को मंडी जाने के बजाए एक बड़ा बाजार मिलेगा। बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा। क्षेत्र विशेष में पैदा होने वाले कृषि उत्पाद का विस्तार किया जाएगा। साथ ही जब क्षेत्र विशेष में एक कृषि उत्पाद पैदा होने लगेगा उस समय प्राकृतिक आपदा के दौरान हानि का आकलन कर किसानों को त्वरित राहत दिया जा सकता है।

बढ़ा रहा कारोबार

जानकारी के अनुसार अब तक देश के करीब एक हजार कृषि मंडियों को इ-नाम परियोजना से जोड़ा जा चुका है। करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए का कारोबारी लेनदेन भी हुआ है। श्री तोमर का कहना है कि इ-नाम और बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में चल रही सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए मिशन के तौर पर काम कर रहे हैं। मोटे अनाज को लोकप्रिय बनाना इनमें से एक है। देश के किसानों की माली हालत सुधार कर कृषि पैदावार बढ़ाना और मंडी उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता रहेगी।

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