
मुफ्त की कुर्सी तोड़ रहे 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारी होंगे रिटायर, तैयार हो रही कुंडली, फैसला 15 अगस्त तक

आपने भी एक कहावत सुनी होगी जिसमें कहा गया है कि " काम के न धाम के दुश्मन अनाज के" इसका अर्थ अगर पता है आपको तो लगभग समाचार आपके समझ में आ ही गया होगा। सरकार द्वारा लिया जाने वाला निर्णय इसी थीम पर आधारित है। कहने का मतलब यह कि ऑफिस में कुर्सी तोड़ रहे सरकारी कर्मचारियों को बहुत जल्दी रिटायर किया जाएगा। उन कर्मचारियों को जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक हो चुकी है।
स्क्रीनिंग कमेटी लेगी फैसला
50 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों को रिटायर करने का फैसला स्क्रीनिंग कमेटी लेगी। इसके लिए 31 जुलाई का समय निर्धारित किया गया है। 31 जुलाई तक विभाग अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वह कर्मचारियों की कुंडली तैयार कर स्क्रीनिंग कमेटी को दे दें। जिस पर 15 अगस्त तक स्क्रीनिंग कमेटी फैसला करेगी और कार्मिक विभाग को देगी।
जानकारी के अनुसार तय किए गए नियम निर्देशों के तहत बताया गया है कि 21 मार्च 2022 को 50 वर्ष की उम्र पूर्ण करने वाले कर्मचारियों का नाम भी स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रखा जाएगा।
साथ ही बताया गया है कि स्क्रीनिंग कमेटी के पास नाम रखने के बाद अगर विभागीय तौर पर किसी सरकारी सेवक को सेवा में बनाए रखने का फैसला लिया जाता है तो उसके नाम को वापस स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रखने की जरूरत नहीं होगी।
फोर्सफुल रिटायरमेंट के मापदंड
कहा गया है उन कर्मचारियों को बिल्कुल भी डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा। जो अपना काम मन लगाकर कर रहे हैं। कार्यक्षेत्र में उनका प्रदर्शन बढ़िया है। काम को पूरी निष्ठा और लगन के साथ कर रहे हैं। उन पर अगर कोई जांच नहीं चल रही है, कोई भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं वह कर्मचारी अपने समय पर ही रिटायर होंगे।
इसके विपरीत कार्य करने वाले कर्मचारियों को फोर्सफुल रिटायरमेंट देने की तैयारी सरकार द्वारा की जा रही है। जिसका समय भी नजदीक आ चुका है। कर्मचारियों के रिटायर करने से पहले स्क्रीनिंग कमेटी इन सभी पहलुओं पर गहनता के साथ विचार करने के बाद निर्णय लेगी।




