
Xiaomi के दफ्तर पर ED की दबिश; 5551 करोड़ रुपए जब्त, गैरकानूनी तरीके से रकम भारत के बाहर भेज रही थी चीनी मोबाइल कंपनी

ED raids Xiaomi office
ED raids Xiaomi's Office: चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी (Xiaomi) के बेंगलुरु स्थित दफ्तर पर ईडी ने दबिश दी है. ऑफिस से 5551 करोड़ रूपए जब्त किए गए हैं. कंपनी पर गैरकानूनी तरीके से पैसे भारत के बाहर भेजने के आरोप हैं. कंपनी ने यह हेराफरी इसी महीने फरवरी में की है, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का कहना है कि टेक कंपनी रॉयल्टी के नाम पर इस तरह के बड़े अमाउंट की हेराफेरी चीन में मौजूद अपनी पेरेंट कंपनी के इशारे पर कर रही थी. इसे अमेरिका में मौजूद शाओमी (Xiaomi) ग्रुप कंपनी को भी भेजा गया है.
FEMA एक्ट से लगेगा जुर्माना
ED के मुताबिक शाओमी (Xiaomi) ने जिन तीन कंपनियों को पैसे भेजे हैं, उनका शाओमी इंडिया से किसी तरह का बिजनेस रिलेशन नहीं है. एजेंसी ने बताया कि शाओमी ग्रुप ने इस फ्रॉड को छिपाने के लिए कई तरह की कहानियां और मुखैटे गढ़े. कंपनी का रॉयल्टी के नाम पर अपनी कमाई की रकम को भारत के बाहर भेजना फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के सेक्शन 4 को तोड़ना है. कंपनी ने भारत से बाहर पैसे भेजने को लेकर बैंक से भी झूठ बोला. कुछ महीने पहले ही FEMA के नियम को तोड़ने को लेकर शाओमी के ग्लोबल वाइस प्रेसीडेंट मनु जैन की ED के सामने पेशी हुई.
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी छापेमारी कर चुकी है
FEMA एक्ट में लगने वाली पेनाल्टी नियम तोड़ने पर लगने वाले जुर्माने का 3 गुना होती है. शाओमी (Xiaomi) के अलावा दूसरी चाइनीज मोबाइल कंपनियों के कई बिजनेस ठिकानों में भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापेमारी की है. सरकार ने सिक्योरिटी के लिहाज से कई शाओमी के स्मार्टफोन ऐप्लीकेशन को भी बैन किया है.
शाओमी (Xiaomi) पिछले कई तिमाहियों से इंडियन स्मार्टफोन मार्केट में लीड कर रही है. भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट की कमी के बावजूद 2021 के चौथी तिमाही में कंपनी का 22% मार्केट शेयर के साथ आगे रहे.
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




