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Corona Vaccine: देश में अब 2 से 17 साल के बच्चों को भी लगेगा कोरोना का टीका

Abhijeet Mishra
12 Oct 2021 9:02 AM GMT
Corona Vaccine: देश में अब 2 से 17 साल के बच्चों को भी लगेगा कोरोना का टीका
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कोवैक्सिन लगाने के लिए DGCI ने मंजूरी भी देदी है, बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए जल्द गाइडलाइन जारी होगी।

Corona Vaccine: देश में अब 18 साल से कम उम्र के बच्चों को भी कोरोना से सुरक्षा का टीका लगाया जाएगा। DCGI ने इसके लिए मंजूरी भी देदी है हालाँकि अभी गाइडलाइन आने का इंतज़ार है लेकिन ये बात तय हो गई है की 2 साल से लेकर 17 साल तक के बच्चों को भी वैक्सीन लगाई जाएगी। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया के अनुसार बच्चों को भी कोवैक्सिन के 2 डोज लगेगें।

गौर करने वाली बात ये है की अब तक देश में सिर्फ 18 साल की उम्र के अधिक लोगों को ही वैक्सीन लगाने की इजाजत थी लेकिन अब बच्चों को भी कोरोना से बचाव का टीका लगाने की अनुमति जारी कर दी गई है। ज़ाहिर है तीसरी लहर के आने की आशंका अभी भी बरक़रार है और WHO सबसे ज़्यादा इसका असर बच्चों पर होने की बात कर रहा है। देश में में 2 साल से लेकर 17 के बच्चों को वैक्सीन लगवाने की प्रक्रिया को मंजूरी देना तीसरी लहर से बचने का सबसे सही रास्ता है।

कौन कौन सी वैक्सीन लगेगी

वैसे तो देश में वयस्कों के लिए को रूस की बनाई स्पुतनिक वी, कोवेक्सिन, कविशील्ड का टीका शामिल हैं. भारत बायोटेक ने कोवेक्सिन बनाई है जब कि सीरम इंस्टिट्यूट भी बच्चों के लिए वैक्सीन बनाने की तैयारी कर रहा है. वहीं जायडस कैडिला की वैक्सीन जायकोव डी का क्लिनिकल ट्रायल पूरा हो गया है, जिसे मंजूरी का इंतज़ार है ये वैक्सीन वयस्कों सहित बच्चों को भी लगाई जा सकती है।

तीन फेज़ में टेस्टिंग हुई है

DCGI की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने थर्ड वेव की चेतावनी के बाद से ही बच्चों की वैक्सीन को मंजूर करने की तैयारी में जुट गया था। बाद मे DCGI ने ट्रायल के लिए मंजूरी देदी। भारत बायोटेक ने जून महीने से ही बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर दिया था। तीन फेज़ के ट्रायल के बाद DCGI ने भारत बायोटेक को मंजूरी देदी है।

ये देश भारत से आगे

अमेरिका ने मई के महीने से ही 12 साल की उम्र से अधिक बच्चों को फ़ाइज़र की वैक्सीन लगाना शुरू कर दिया था। अगले वर्ष से 12 साल से कम उम्र के बच्चों को भी वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा, यूरोपियन यूनियन ने भी देश में 12 से 17 साल के बच्चों मॉडर्ना की वैक्सीन लगाना शुरू कर चुका है वहीं यूनाइटेड किंगडम ने भी जुलाई से फ़ाइज़र की वैक्सीन बच्चो लगाना शुरू हो गया है.इसके अलावा इज़राइल, चिली, माल्टा, कनाड़ा ने भी पहले से बच्चों को वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर दिया था, दुनिया में सबसे पहले कारगर वैक्सीन लाने वाला भारत बच्चों को वैक्सीन लगाने के मामले में अन्य देशों से पीछे रह गया है। हालाँकि अब जाकर DCGI ने इसके लिए मंजूरी देदी है.जल्द ही गाइडलाइन जारी की जाएगी।

बच्चों को वैक्सीन लगाना ज़रूरी

कई लोग बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए लगाई जाने वाली वैक्सीन से डर रहे हैं. लेकिन तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों को वैक्सीन ना देना घातक हो सकता है। गौरतलब है कि कई देशों में बच्चों की स्कूल खुल गई है ऐसे में उनपर कोरोना का खतरा भी बढ़ जाता है। पूरी दुनिया में अभी तक लाखों बच्चे कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और हज़ारों मासूमों की इस जानलेवा वायरस ने जान ले ली है। ऐसे में बच्चों के लिए वैक्सीन का आना बेहद ज़रूरी है.

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