राष्ट्रीय

Citizen Amendment Bill 2019: नागरिकता संशोधन बिल पर राज्यसभा में भी हो सकती है मोदी सरकार की जीत, जानिए पूरा गणित

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 11:41 AM IST
Citizen Amendment Bill 2019: नागरिकता संशोधन बिल पर राज्यसभा में भी हो सकती है मोदी सरकार की जीत, जानिए पूरा गणित
x
Get Latest Hindi News, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, Today News in Hindi, Breaking News, Hindi News - Rewa Riyasat

नई दिल्ली। Citizen Amendment Bill 2019: लोकसभा में भारी हंगामें के बीच सोमवार को नागरिकता संशोधन बिल (Citizen Amendment Bill) पास हो गया है। बिल के समर्थन में 311 वोट पड़े वहीं विरोध में 80 वोट पड़े। अब राज्यसभा में इसे गृह मंत्री अमित शाह इसे बुधवार को पेश करेंगे। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक तौर पर प्रताड़ना के शिकार गैरमुस्लिम शरणार्थियों को इस बिल के जरिये भारत की नागरिकता दी जाना है। इस बिल का विपक्ष द्वारा विरोध किया जा रहा है। इसके साथ ही कई राज्यों में इसे लेकर सोमवार को प्रदर्शन भी हो चुके हैं। अब राज्यसभा में इस बिल के पेश होने के बाद इसे पास कराना मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। जानते हैं कि आखिर बुधवार को इस बिल के पास होने की क्या सूरत बनती दिखाई दे रही है।

राज्यसभा में बुधवार को पेश होगा बिल नागरिकता संशोधन बिल पर देशभर की नजर है। विपक्ष इस बिल को विभाजनवाला बिल बता रहा है, वहीं दूसरी ओर एनडीए ने इस बिल को लोकसभा में भारी बहुमत से पास करा लिया है। बुधवार को अब यह बिल राज्यसभा में पेश होने जा रहा है। अगर मोदी सरकार राज्यसभा में भी इस बिल को पास कराने में सफलता हासिल कर लेती है तो फिर यह बिल कानून के तौर पर स्थापित हो जाएगा। राज्यसभा में यह बिल पास हो जाता है तो देश में मौजूद करोड़ो शरणार्थियों को इसका फायदा मिल सकेगा।

राज्यसभा में यह है वोटों का गणित राज्यसभा में पेश होने जा रहे नागरिकता संशोधन बिल पर जिन दलों ने लोकसभा में मोदी सरकार को समर्थन दिया है, उससे तो राज्यसभा में भी इस बिल के पास होने पर ज्यादा अड़चन नजर नहीं आ रही है। राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं। फिलहाल राज्यसभा में 240 सांसद है। 5 सीटें अभी रिक्त हैं। इस तरह बिल को सदन में पास कराने के लिए एनडीए सरकार को 121 वोटों की दरकार है।

बिल के समर्थन में भाजपा (83 सीट), बीजेडी (7 सीट), एआईडीएमके (11 सीट), जे़डीयू (6 सीट), नॉमिनेटेड वोट (4), अकाली दल (3 सीट), शिवसेना (3 सीट), स्वतंत्र एवं अन्य वोट (11) हैं। ऐसे में यह आंकड़ा फिलहाल 128 होता दिखाई दे रहा है जो कि बहुमत के आंकड़े से 7 सीटें ज्यादा का है।

वहीं विरोध में कांग्रेस (46 सीट), टीएमसी (13 सीट), समाजवादी पार्टी (9 सीट), वामदल (6 सीट), डीएमके (5 सीट), टीआरएस (6 सीट), बसपा (4 सीट) और अन्य (21 सीट) वोट हैं।

वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर के दो सांसदों का अब तक रुख साफ नहीं हुआ है कि वह इस बिल के समर्थन में हैं या विरोध में। अगर दोनों सांसद बिल पेश होने के दौरान सदन से वॉक आउट कर देते हैं तो ऐसी सूरत में बहुमत का आंकड़ा 121 से घटकर 120 रह जाएगा।

Next Story