
Budget 2019: ग्रामीण वोटरों को लुभाने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ला रही है ये योजनाएं

नई दिल्ली : भारत में अप्रैल से शुरू होने जा रहे वित्त वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और कल्याण के लिए आवंटित किए जाने वाले बजट 16 फीसदी बढ़ोत्तरी किए जाने की उम्मीद है। सरकारी सूत्रों के हवाले से ये खबर सामने आई है मई में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना से ग्रामीण मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश करेंगे। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को पेश होने जा रहे अंतरिम बजट में सरकार 1.3 लाख करोड़ (18.25 अरब डॉलर) का बजट पेश करने जा रही है।
आपको बता दें कि पिछले साल यह बजट 1.12 लाख करोड़ का पेश किया गया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल बजट पेश करने जा रहे हैं क्योंकि अरुण जेटली इन दिनों स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस बजट में मोदी सरकार पर देश की 1.3 अरब जनसंख्या के दो तिहाई जनसंख्या का भरोसा जीतने का दबाव है।
मोदी सरकार पर है ये दबाव पिछले साल कम फसल मूल्य और बढ़ी महंगाई के चलते कृषि से होने वाली आय से काफी घाटा हुआ था। जानकार इस मुद्दे को पिछले साल के अंत में हुए तीन राज्यों में बीजेपी को मिली हार का जिम्मेदार मानते हैं।
इधर सोमवार को विपक्ष कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि उनकी पार्टी अगर जीतती है तो गरीबों को न्यूनतम आय प्रदान की जाएगी। बीजेपी ने हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष के इस वादे को एक मजाक करार दिया था। ग्रामीण विकास योजना के लिए एक बजट में अतिरिक्त निश्चित फंड के आवंटन की घोषणा की जरूरत है।
जॉब गारंटी योजना के लिए ये है योजना ग्रामीण विभाग के द्वारा चलाए जा रहे कल्याणकारी योजनाओं में सबसे ज्यादा फंड ग्रामीण जॉब गारंटी योजना के लिए आवंटित किए जाते हैं जिसके तहत साल में 100 दिन और उससे अधिक दिन जॉब करने वालों के लिए सरकार पैसे आवंटित करती है।
बताया जा रहा है कि मोदी सरकार सरकार 2019-20 वित्त वर्ष के लिए 60,000 करोड़ बजट की घोषणा कर सकती है। यह पिछले साल के बजट से 9 करोड़ ज्यादा का बजट होगा। ग्रामीण विभाग के मुताबिक जॉब गारंटी योजना के तहत वर्तमान 70 करोड़ लाभार्थियों की मजदूरी में भी बढ़ोतरी की योजना है। इसके अलावा अन्य ग्रामीण कल्याणकारी योजना के तहत 30 करोड़ गरीब तबके के नागरिकों के वित्तीय सहायता लिए 30,000 करोड़ का बजट ला सकती है। इसमें विधवा और दिव्यांग भी शामिल हैं।




