
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर श्रीनगर से लखनऊ तक प्रदर्शन, जंतर-मंतर पर विरोध; एयरस्पेस संकट से उड़ानें प्रभावित

- भारत के 15 से ज्यादा शहरों में शिया समुदाय का मातम और प्रदर्शन
- श्रीनगर, लखनऊ, दिल्ली, भोपाल, अजमेर सहित कई स्थानों पर शोक सभाएं
- कांग्रेस अध्यक्ष ने हमले की निंदा करते हुए संवेदना जताई
- मिडिल ईस्ट एयरस्पेस संकट से 350+ उड़ानें रद्द
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद भारत के कई हिस्सों में शोक और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। देश के 15 से अधिक शहरों में शिया समुदाय के लोगों ने कैंडल मार्च, शोक सभाएं और मातमी जुलूस निकाले। जम्मू-कश्मीर से लेकर कर्नाटक तक कई जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई।
देशभर में असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भारत में सामाजिक और हवाई यातायात दोनों स्तर पर दिखा। कई शहरों में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
जम्मू-कश्मीर में बड़े प्रदर्शन
श्रीनगर के लाल चौक और सैदा कदल सहित बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए। लद्दाख में भी मार्च निकाले गए। स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी।
उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में शोक सभाएं
लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा, संभल और बिहार के पटना में कैंडल मार्च निकाला गया। भोपाल में भी शिया समुदाय सड़कों पर उतरा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया शिया काउंसिल ने विरोध प्रदर्शन किया।
अजमेर और बेंगलुरु में भी प्रतिक्रिया
राजस्थान के अजमेर में दरगाह शरीफ क्षेत्र में तीन दिन का शोक घोषित किया गया। बेंगलुरु में भी प्रदर्शन दर्ज किए गए। ईरान कल्चरल हाउस, दिल्ली में शोक सभा आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ में भी कैंडल मार्च निकाला गया।
इंडिया रिएक्शन अपडेट
- 15+ शहरों में मातमी जुलूस
- राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
- अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था
- 350 से ज्यादा उड़ानें रद्द
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पोस्ट में हमले की निंदा की। उन्होंने इसे बिना औपचारिक युद्ध घोषणा के सैन्य कार्रवाई बताया और ईरान की जनता व शिया समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अजमेर दरगाह चेयरमैन का बयान
अजमेर दरगाह शरीफ और चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने कहा कि भारत ने हमेशा कूटनीतिक संतुलन बनाए रखा है और ईरान के साथ ऐतिहासिक रूप से अच्छे संबंध रहे हैं।
350 से ज्यादा उड़ानें रद्द
मिडिल ईस्ट में एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण 1 मार्च को भारतीय घरेलू एयरलाइंस की 350 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी फ्लाइट की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें। एयरलाइंस ने वैकल्पिक व्यवस्था और रिफंड प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आगे की स्थिति पर नजर
सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। केंद्र और राज्य सरकारें शांति बनाए रखने की अपील कर रही हैं। एयर ट्रैफिक और कूटनीतिक गतिविधियों पर भी आने वाले दिनों में असर बना रह सकता है।
Join WhatsApp Channel Follow on Google Newsअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत के किन शहरों में प्रदर्शन हुए?
जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, कर्नाटक सहित 15 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन और शोक सभाएं हुईं।
कितनी फ्लाइट रद्द की गईं?
1 मार्च को 350 से अधिक घरेलू उड़ानें रद्द की गईं।
क्या सुरक्षा बढ़ाई गई है?
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या रही?
कांग्रेस सहित कुछ राजनीतिक दलों ने हमले की निंदा और संवेदना व्यक्त की।
यात्रियों को क्या सलाह दी गई है?
यात्रियों को अपनी फ्लाइट की स्थिति नियमित रूप से जांचने और एयरलाइंस से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




