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Asteroid Fall: नागौर में आसमान से गिरे आग के गोले, वैज्ञानिक बोले यह खगोलीय घटना असमान्य, देखें रोचक वीडियो

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Asteroid Fall: राजस्थान के नागौर से चौकाने वाला वीडियो सामने आया है, जहां आसमान से कई छोटे-बड़े उल्कापिंड धरती में गिरे और विस्फोट हुआ.

Asteroid Fall In Rajasthan: राजस्थान (Rajasthan) के नागौर (Nagaur) में एक दिलचस्प नज़ारा CCTV कैमरे में कैद हुआ है, आसमान से छोटे-बड़े साइज़ के उल्कापिंडों की बारिश हुई है। वीडियो में धरती में गिरते उल्कापिंड साफ़ नज़र आ रहे हैं। लेकिन उल्कापिंड जमीन में गिरने से पहले ही फुट कर नष्ट हो गए. लोगों ने यह मंजर पहली बार देखा है जब कोई उल्कापिंड धरती के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृत्वी में गिरने से पहले ही फुट गया है।

"मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह रोचक वीडियो लद्दाख के एक वैज्ञानिक के पास भेजा गया था, जिसके बाद वैज्ञानिकों ने इसे असमान्य घोषित कर दिया। वैज्ञानिकों का कहना है कि अंतरिक्ष से छोटे-मोटे एस्टेरोइड (उल्कापिंड) गिरते रहते हैं लेकिन उनका ऐसे विस्फोट कर जाना बेहद असमान्य है। यह खगोलीय घटना सामान्य नहीं है"

कहां का मामला है

नागौर जिले के बड़ियाली गांव में यह खगोलीय घटना घटित हुई है। वहां के लोगों ने बताया कि देर रात अचानक से तेज़ आवाज के साथ धमाका हुआ जिससे लोग डर गए, और जब बहार आकर देखा तो खेत में छोटे-छोटे गड्ढे हो गए थे और वहां से धुआँ उठ रहा था. लोगों ने यह भी बताया कि जब धमाका हुआ तो दिन जैसी रौशनी हो गई थी। हालांकि इस खगोलीय घटना से किसी को जान-माल की हानि नहीं हुई है।

ग्रेविटेशन फाॅर्स के कारण ऐसा होता-रहता है

अक्सर हम जब आसमान में देखते हैं तो हमें टूटे हुए तारे नज़र आते हैं। असल में वो कोई तारा नहीं होता बल्कि अंतरिक्ष में भटके हुए छोटे-बड़े अकार के उल्कापिंड होते हैं, जो पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण बल के कारण पृथ्वी की और खींचे चले आते हैं. और वो जलते इसी लिए हैं क्योंकी पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के दौरन शुक्ष्म कणों के कारण घर्षण होता है और वो जलने लगते हैं. पृथ्वी में गिरते-गिरते उनका अकार भी छोटा हो जाता है। लेकिन नागौर में जो घटना हुई है वह अबतक कहीं भी नहीं देखि गई. पृथ्वी के करीब पहुंचने के बाद उल्कापिंड में विस्फोट हो गया और धमाका हुआ इसी लिए वैज्ञानिक इस घटना को असमान्य कह रहे हैं।

ऐसा होता रहता है

धरती में उल्कापिंडों का गिरना सामान्य बात है, ऐसा कभी-कभी होता रहता है, बस भगवान से दुआ करिये कि कभी कोई विशालकाय एस्टेरॉइड पृथ्वी में ना गिरे वरना जहां भी उल्कापिंड गिरेगा वहां किसी परमाणु बम जैसा मंजर होगा।


साल 2020 में राजस्थान के ही जालोर में सिर्फ 2.778 किलो का उल्कापिंड गिरा था जिसके कारण 5 फ़ीट गहरा गड्ढा हो गया था। अगर उल्कापिंड का आकार 100 फ़ीट या 1000 फ़ीट हुआ तो मानिये एक जिला या फिर एक राज्य भी गायब हो सकता है।

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